शहर के ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लिमिटेड के सीईओ/मंडलायुक्त गौरव दयाल ने एएमयू से दीर्घकालिक प्रोजेक्ट बनाने में सहयोग मांगा है। उन्होंने एएमयू के रजिस्टार अब्दुल हमीद को लिखे पत्र में कहा कि शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए इंजीनियरिंग, डिजाइन, निर्माण के बेहतर उपाय, निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, लागत, निर्माण से पहले जीआईएस सर्वे सहित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने में सहयोग किया जाए। बताते हैं कि एएमयू ने भी सकारात्मक रुख दिखाया
इसी बरसात में शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया था। आम लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी बीच नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह का तबादला गोरखपुर विकास प्राधिकरण में कर दिया गया था। जलभराव की इस गंभीर समस्या ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस समस्या ने अधिकारियों को भी गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस संबंध में मंडलायुक्त ने एएमयू के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. नदीम खलील से वार्ता की थी। इसके बाद एडीए के अधिकारियों और इंजीनियरों से उनकी राय ली गई। उक्त दोनों वार्ताओं के बाद ड्रेनेज सिस्टम का मास्टर प्लान बनाने पर सहमति बनी है, जिसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग की ड्राइंग, निर्माण कार्य के तरीके, निर्माण कार्य के चरण, निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्री, सर्वे, पूरे प्रोजेक्ट का एक साफ्टवेयर बनाने की बात हुई।
इस ड्रेनेज सिस्टम को शहर की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार जमीन के ऊपर, अंदर या दोनों तरीकों से बनाया जाएगा। शहर के सभी इलाकों से जलनिकासी के बेहतर विकल्पों को समाहित करने के लिए जीआईएस सर्वे कराने पर जोर दिया जाएगा। इसमें दूसरे सभी नक्शों को समाहित कर ड्रेनेज का नक्शा तैयार किया जाना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तीन वर्ष का समय लगने का अनुमान है। इसको अलग अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। एएमयू को इस सर्वे प्रोजेक्ट रिपोर्ट को तैयार करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। मंडलायुक्त ने एएमयू के प्रोफेसर नदीम खलील से कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में अपनी सहमति बताएं, जिससे जल्द से जल्द काम शुरू कराया जा सके।