गोबर के ढेर पर चढ़कर बस पलट गई-एडीए प्रशासन
अलीगढ़ के एडीएम प्रशासन पंकज कुमार का कहना है कि बस का एक पहिया गोबर के ढेर पर चढ़ जाने के कारण बस पलट गई। बस के सभी कागज देखे गए हैं। इतनी भारी बस और उसमें इतने बच्चों के बाद एक गोबर के ढेर पर चढ़ने से बस पलटने का दावा अजीब लग रहा है।
थाना गंगीरी अतंर्गत 14 मई को सुबह करीब 7.30 बजे एक स्कूल बस पलट जाने की सूचना मिलीद्ध पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार के लिए भेज दिया। उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया तो पता चाला कि वेटेंज स्कूल की एक बस बच्चों को स्कूल लेकर जा रही थी, जो पलट गई है। हादसे में घायल बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया । घायल बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। घटना के कारण की गहनता से जांच की जा रही है।
-मनीष कुमार मिश्र, एसपी ग्रामीण, अलीगढ़
ये बच्चे हुए घायल
बस में घायल हुए बच्चों में गंगीरी के गांव भदरोई निवासी जतिन, प्रतीक, अनामिका, अनुष्का, नितिन कुमार और आकाश हैं। गांव रामनगर निवासी तनुज व कुशांत, निर्भय भी चोटिल हुए हैं। सिकंदराराऊ के गांव बाजीतपुर निवासी सौभंश, उतकर्स, आदित्य, कुमारी परी, केवेंद्र, आकाश, आराभिया, तनुज, टीटू वर्मा, रिंकुल, अल्का घायल हुए हैं। गांव खिजरपुर निवासी इस्ता, दीपांशु, चंद्रशेन, गांव गुरेठा व सुलतानपुर निवासी जेहरा व गांव गढि़या निवासी अनन्या सहित 27 बच्चे घायल हुए हैं। सिकंदराराऊ के टीटू वर्मा की हालत गंभीर है।
छात्र बोला- अपनी खिड़की से बच्चे को चढ़ा रहा था चालक
बस में बैठे छात्र सौभ्यांश ने बताया कि बस चालक अपनी खिड़की से एक बच्चे को बस में बैठा रहा था। इस बीच स्टेयरिंग छूटने से बस पलट गई। इधर, पकड़े गए बस चालक सुर्जन सिंह निवासी तेहरा ने बताया कि सामने से ईंटों से लदा ट्रैक्टर आ रहा था उसे बचाने के प्रयास में बस का पहिया सड़क के नीचे चला गया। इससे बस पलट गई।
42 सीटर बस बैठे थे 80 से अधिक बच्चे
हादसे के बारे में बच्चों के परिवार वालों का कहना है कि बस में करीब 80 से 90 बच्चे बैठा कर ले जाते हैं। कई बार स्कूल प्रबंधकों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, जबकि बस 42 सीटर है। इधर, एआरटीओ प्रवेश यादव ने बताया कि बस 42 सीटर बस में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे बैठाए जा सकते हैं। इस की विभागीय जांच की जा रही है। भाकियू नेता तारवती बघेल ने बताया कि बस चालक की लापरवाही से बस पलटी है। स्कूल प्रबंधन कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं है। बस में मात्र 40 बच्चे बैठाने चाहिए। इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
फर्श टूटने की वजह से हुई थी एक बच्ची की मौत
करीब साढे़ तीन महीने पहले थाना दादों के गांव भूडि़या स्थित माउंट देव स्कूल की बस में बच्ची अनन्या की कासगंज के नगला साधु में बस का फर्श टूटा होने के कारण पहिये के नीचे आकर मौत हो गई थी।