सुरेंद्र नगर स्थित सिंघल सदन के सामने वाली गली में ज्वैलर्स की पत्नी और बेटे की हत्या के बाद शुक्रवार को अलीगढ़ का सराफा बाजार दोपहर 12 बजे तक बंद रखा गया। यहां के सराफा कारोबारियों ने हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी और खुलासे की मांग को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन भी किया। इसी तरह कस्बा बिजौली का सराफा और आसपास का बाजार भी दिन भर बंद रहा। इस मामले में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। वहीं, सीसीटीवी में कैद दोनों हत्या आरोपियों के चेहरे उजागर हो गए हैं, जिनके फुटेज भी पुलिस ने वायरल कर दिए हैं। उनकी पहचान बताने पर 50 - 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
बृहस्पतिवार दोपहर को को मूल रूप से पालीमुकीमुपर के बिजौली निवासी विनोद सराफ के घर में घुसकर दो बदमाश उनकी पत्नी शिखा व बेटे दिगवांशु उर्फ गोविंदा की चाकुओं से गोदकर हत्या कर चले गए थे। हालांकि घर का माहौल देखने से मसला लूट का लग रहा था, मगर पति की ओर से नौकरी व संपत्ति बंटवारे से जुड़े विवाद में अपनी साली अंजली व उसके होने वाले पति सोमेश चौहान निवासी चंदनिया को संदेह में नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया है।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शुक्रवार की सुबह बिजौली ले जाए गए। जहां ग्रामीणों की भीड़ के बीच एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इसके चलते दिन भर बिजौली कस्बे का सराफा तथा आसपास का बाजार शोक में बंद रहा। ललित के घर शोक संवेदना जताने वालों की भीड़ लगी रही। इधर, घर पर किसी सदस्य के न होने के कारण सुरेंद्र नगर वाले घर पर ताला लगा रहा। शुक्रवार सुबह से दोपहर 12 बजे तक फूल चौराहा स्थित सराफा बाजार भी बंद रखा गया। इस दौरान व्यापारियों की ओर से घटना के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन कर खुलासे की मांग भी की।
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार साली और उसके होने वाले पति को हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में यही पाया है कि अपने पिता की नौकरी को लेकर दोनों बहनों में विवाद चल रहा था।
पोस्टमार्टम में खुलासा खुन्नस में बेरहमी से किए दोनों कत्ल
पोस्टमार्टम में उजागर हुआ है कि दोनों की हत्या बेरहमी से की गई है। महिला के शरीर में चाकुओं के करीब 9 वार अलग अलग हिस्सों में पाए गए हैं। पहले उसका गला रेता गया। फिर हाथों की नस काटी गईं। इसके बाद किसी वजनी वस्तु से सिर पर प्रहार किया है, जिससे उसके सिर की कई हड्डी टूटी पाई गई हैं। इसी तरह बेटे के सिर पर भी कई प्रहार के निशान पाए गए हैं। इसे लेकर पुलिस व खुद पोस्टमार्टम करने वाले हैरान हैं। ये किसी आम अपराधी का काम नहीं। या तो किसी खुन्नस रखने वाले ने अंजाम दिया है या फिर ऐसी वारदात बावरिया गिरोह के सदस्य करते हैं।
महाजन से मेहरावल पुल तक ऑटो में कैद मिले हत्यारे
इस घटना को अंजाम देने के बाद फरार हत्यारों की तलाश में सीसीटीवी के जरिये जुटी पुलिस को कुछ सफलता मिली है। महाजन होटल तक पैदल आए हत्यारे यहां से आगे गांधीपार्क बस स्टैंड तक मीनाक्षी पुल के रास्ते से गए हैं। इसके बाद वे ऑटो में सवार होकर सारसौल तक गए हैं और सारसौल से फिर गभाना की ओर दूसरे ऑटो में गए हैं। दोनों आरोपी महरावल पुल की ओर जाते हुए सीसीटीवी में दिखे हैं। उससे आगे सीसीटीवी नहीं हैं। इसलिए उससे आगे पुलिस बिना सीसीटीवी के ही सुराग तलाशने का प्रयास कर रही है।
8 लाख कीमत के जेवरात घर से ले गए बदमाश:ललित
बिजौली में अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्यों, गांव के अन्य लोगों के बीच शोकाकुल ललित ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने अपनी साली उसके होने वाले पति सोमेश और खुद की पत्नी के बीच चल रहे विवाद पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान ललित ने बताया कि घटना के बाद रात तक घर में हुई तलाश के बाद उजागर हुआ है कि बदमाश करीब आठ लाख रुपये कीमत के जेवरात ले गए हैं। बदमाश उसकी पत्नी की सोने की जंजीर, आठ सोने की चूड़ियां, कानों के कुंडल, बाली, मंगलसूत्र, पैंडल, फोटोयुक्त लोकेट, करीब 15 अंगूठी व छल्ले तथा दो मोबाइल फोन भी ले गए। तहरीर में लूटे गए जेवरात को शामिल नहीं किया गया था। बाद में आकलन किए जाने पर यह जानकारी हुई है। इस विषय में पुलिस को मौखिक रूप से अवगत करा दिया है। इस पर सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय इतना ही बताते हैं कि यह जानकारी सामने आई है। अभी चूंकि ललित गांव में हैं। उनके आने पर बातचीत में और जांच के आधार पर इसे सत्यापित किया जाएगा।
दस माह से चल रहा विवाद, नहीं पूरी हुई जांच
ललित वर्मा ने बताया कि उनके ससुर देवेंद्र किशोर वर्मा जिला बचत अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। 13 अप्रैल 2021 को उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी तीन बहनें हैं। कोई भाई नहीं है। इससे ससुर की मौत पर एक बेटी को नौकरी मिलना तय है। इसके अलावा फंड की धनराशि थी। नौकरी व फंड के रुपयों के बंटवारे को लेकर उनकी पत्नी शिखा वर्मा का अपनी बहनों मोहिनी और अंजलि से विवाद चल रहा था। ललित वर्मा के अनुसार मोहिनी की शादी आगरा निवासी प्रमोद कुमार के साथ हुई थी, जबकि अंजलि ने सोमेश चौहान के साथ न्यायालय में विवाह किया था। हालांकि लेखपाल से सांठगांठ कर अंजलि ने स्वयं को अविवाहित दिखाकर धोखे से अपने नाम वारिसान प्रमाण पत्र जारी करवा लिया था। जानकारी होने पर शिखा वर्मा ने तहसीलदार से शिकायत की थी। इसकी जांच चल रही है और न्यायालय में वाद विचाराधीन है। शिखा वर्मा व अंजलि दोनों ने ही पिता की चल-अचल संपत्ति, वारिसान में गड़बड़ी, रुपयों के बंटवारे व अन्य प्रकरण में एसडीएम, सीडीओ व डीएम के समक्ष शिकायतें की थीं। वारिसान प्रमाण पत्र की जांच के दौरान अंजलि ने अधिकारियों को बताया था कि उसका विवाह नहीं हुआ है। वह अपने बहनोई प्रमोद कुमार के साथ आगरा में रह रही हैं। वहीं शिखा वर्मा ने अंजलि के हुए विवाह का साक्ष्य अधिकारियों के समक्ष पेश किया था। करीब दस माह से यह विवाद चल रहा है। वारिसान प्रमाण पत्र की जांच दस माह में भी पूरी नहीं हो पाई है।
-इस घटना को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है। दोनों नामजद आरोपी हिरासत में हैं। पूछताछ जारी है। हत्यारों के फुटेज भी मिल गए हैं। हर पहलू पर जांच की जा रही है। काफी कुछ तथ्य सामने आए हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी