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अलीगढ़ : अफसरों के नाम पर विद्यालयों को थमाई जा रही स्वच्छता किट

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विद्यालय भेजी गई स्वच्छता किट। - फोटो : CITY OFFICE
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बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र शुरू होते ही स्वच्छता किट बांटने का नया खेल शुरू हो गया है। विभागीय अफसरों के नाम पर विद्यालयों में स्वच्छता किट भेजी जा रही है। शिक्षकों के मुताबिक ढाई हजार रुपये से अधिक की इस किट में शामिल सामान की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इस संबंध में बीएसए का कहना है कि उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था को स्वच्छता किट बांटने की जिम्मेदारी नहीं सौंपी है।
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जिले में प्राथमिक विद्यालय 1382, उच्च प्राथमिक विद्यालय 375, कंपोजिट विद्यालय 358 हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के नाम पर दबाव बनाकर कई विद्यालयों में स्वच्छता किट भेजी गई है। शिक्षकों ने बताया कि विभाग की बिना अनुमति से किट दी जा रही है, साथ ही सामान की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले स्पोर्ट्स किट भी मानक के अनुरूप नहीं थी। स्वच्छता किट में साबुन, फर्श क्लीनर, प्लास्टिक की बाल्टी, मग, डस्टबिन, झाड़ू, टॉयलेट ब्रश, टॉयलेट क्लीनर, नेल कटर आदि सामान हैं, जिसकी कीमत ढाई हजार रुपये से ज्यादा है। शिक्षकों ने बताया कि इस किट का भुगतान विद्यालय को खुद करना है। इस तरह जबरन किट दिए जाने से शिक्षकों में आक्रोश है।
अधिकारियों के नाम पर जबरन विद्यालयों को स्वच्छता किट दी जा रही है। सामान की गुणवत्ता भी खराब है। किट खरीदने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक व विद्यालय प्रबंध समिति को होनी चाहिए।
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- मुकेश कुमार सिंह, जिला मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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स्वच्छता किट बांटने का आदेश विभाग की ओर से नहीं दिया गया है, जो ऐसा कर रहा है, वह उचित नहीं है। अगर किट आ गई है तो उसे संबंधित संस्था को वापस कर सकते हैं।
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- सतेंद्र कुमार, बीएसए, अलीगढ़
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