इसके बाद 29 नवंबर को उन्होंने लोधा क्षेत्र में धर्मशाला को सुनसान देखकर मनगढ़ंत कहानी बना ली। उन्होंने बताया कि मेरठ में चाैधरी ढाबा के पास पहुंचने पर कार सवारों द्वारा उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर जबरन बैठा लिया गया। होश में आने पर धर्मशाला के खंडहर भवन में खुद को रस्सी से बंधा हुआ पाया।
इतना ही नहीं छात्राओं ने अपनी बात की पुष्टि करने के लिए आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से इलाके के ही कुछ लड़के उन्हें परेशान कर रहे थे। जबरन उन्हें डरा-धमकाकर उनका मोबाइल नंबर मांग रहे थे। जब छात्राओं से अलग-अलग बातचीत की गई तो सारी सच्चाई सामने आ गई। थाना प्रभारी भावनपुर ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से छात्राओं को बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा रही है।