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Aligarh News: नवरात्र और रमजान एक साथ करेंगी रूबी आसिफ, मूर्ति पूजा करने पर मिली थी जिंदा जलाने की धमकी

Wed, 22 Mar 2023 04:26 AM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ्

सार

रूबी खान ने कहा कि इस बार नवरात्र और रमजान एक साथ पड़ रहा है। वह भी एकता की पैरोकार हैं। ऐसे में वह उपवास और रोजा साथ रखेंगी। रोजा के लिए वह सहरी और इफ्तार करेंगी और नमाज पढ़ेंगी। वहीं नवरात्रि के लिए उपवास रखेंगी और पूजा-अर्चना भी करेंगी।
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भाजपा नेत्री रूबी आसिफ खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के जयगंज भाजपा मंडल महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय जन कल्याणकारी परिषद की प्रदेश मंत्री व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की जिला संयोजक रूबी आसिफ खान ने नवरात्र में उपवास और रमजान में रोजा रखने का एलान किया है। दुर्गा पूजा और गणेश चतुर्थी में मूर्ति रखने और पूजा करने पर कट्टरपंथियों से रूबी खान को जिंदा जलाने की धमकी मिली थी।

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रूबी खान ने कहा कि इस बार नवरात्र और रमजान एक साथ पड़ रहा है। वह भी एकता की पैरोकार हैं। ऐसे में वह उपवास और रोजा साथ रखेंगी। रोजा के लिए वह सहरी और इफ्तार करेंगी और नमाज पढ़ेंगी। वहीं नवरात्रि के लिए उपवास रखेंगी और पूजा-अर्चना भी करेंगी। रूबी ने दुर्गा पूजा पर मां दुर्गा की मूर्ति पूजा अर्चना के साथ स्थापित की थी। नवरात्रि में 9 दिन तक व्रत रखकर शांति, खुशहाली और अमन चैन की प्रार्थना भी थी। 

इसके बाद गणेश चतुर्थी गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की थी और विसर्जन भी किया था। इसके बाद वह कट्टरपंथी लोगों के निशाने पर आ गईं थीं। उन्हें जिंदा जलाने की धमकी मिली थी। पुलिस प्रशासन की तरफ से उनकी सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए गए थे।
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मूर्ति पूजा इस्लाम के खिलाफ : मुफ्ती जाहिद
एएमयू के सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के पूर्व विभाग अध्यक्ष मुफ्ती प्रोफेसर जाहिद अली खान ने कहा कि इस्लाम में मूर्ति पूजा जायज नहीं है। कोई भी मुसलमान मूर्ति पूजा नहीं कर सकता है। अगर ऐसा करता है तो इस्लाम के खिलाफ है। ऐसे में न तो रोजा माना जाएगा और न ही नमाज मुकम्मल होगी।

पूजा और इबादत में करें एक का चुनाव : योगी कौशलनाथ
अचल स्थित श्रीगिलहराज मंदिर के महंत योगी कौशलनाथ ने रूबी के रोजा और उपवास रखने पर कहा कि उन्हें एक पद्धति का चुनाव करना होगा। दोनों की पूजा और इबादत पद्धति अलग है। अगर उन्हें पूजा-अर्चना पसंद है, तो वह सनातन धर्म में आ जाएं। वरना इस्लाम को ही मानती रहें। सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए।

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