नुमाइश मैदान में हजारों का जन सैलाब श्रीराम, लक्ष्मण की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हुआ। वातावरण में जय श्रीराम का उद्घोष और उत्साह था। गुरुवार को जब मंचन पूरे चरम पर था तो श्रीराम ने एक तीर छोड़ा और बुराई का प्रतीक रावण धू धू कर जल उठा। साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण का भी पुतला दहन किया गया।
इससे पूर्व श्री रामलीला महोत्सव में रावण वध और भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। गुरुवार को दशहरा मेला को महोत्सव संयोजक विमल अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मेला शोभायात्रा रामलीला मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई नुमाइश मैदान पहुंची। मेला रामलीला मैदान से आर्य समाज मंदिर रोड, आगरा रोड, जिंदल रोड, मीरीलाल की प्याऊ, पत्थर बाजार से बारहद्वारी, सराय लबरिया, रघुवीर पुरी से बन्ना देवी पुलिस थाने के बराबर से जीटी रोड पर होते हुऐ नुमाइश मैदान पहुंचा। शोभायात्रा में भव्य झांकियां, प्रसाद के ठेले, नफीरी, बैंड आदि शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। मार्ग में झांकियों का जगह जगह स्वागत किया गया। शोभायात्रा में 50 मनोहारी झांकियां, 10 ठेले प्रसाद व पानी के, दो नफ ीरी बैंड व चार विभिन्न शहरों के बैंड (जवाहर बैंड गाजियाबाद, श्रीराम बैंड सादाबाद, मां दुर्गे बैंड अलीगढ़ व एक अन्य) शामिल थे। आकर्षण का केन्द्र बनी झांकियों को देखने के लिए लोग शोभायात्रा मार्ग की छतों तक पर खडे़ थे। बाजारों में भगवान श्रीराम जी की आरती उतरने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा में काली की झांकी मामू भांजे से शामिल हो गई। मां काली का स्वरूप अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन कर रहा था। लोग टकटकी लगा कर देख रहे थे।
श्रीराम जी व रावण के रथ से एक दूसरे पर लगातार बाणों की वर्षा करते हुऐ चल रहे थे। बच्चे व बड़ों में बाण लूटने की होड़ लगी हुई थी । शोभा यात्रा इतनी लंबी थी कि उसका एक सिरा आगरा रोड मदार गेट पर था तो दूसरा रामलीला मैदान पर था। बैंड द्वारा बजाई जा रही धुन ‘रामजी की सेना चली’ पर युवकों में डांस करने की होड़ लगी हुई थी। सबसे पहले पांच घोड़ों पर लोग बैठे थे। जब श्रीराम जी व रावण का डोला नुमाइश मैदान पहुंच गया तो वहां राम रावण का भीषण युद्ध हुआ तभी विभीषण ने श्रीराम के कान में कहा कि प्रभु रावण की नाभि में बाण मारो, उसकी नाभि में अमृृत है। तब प्रभु ने रावण की नाभि में बाण मारा तो रावण जमीन पर गिर पड़ा और उसकी नाभि का अमृृत अग्निबाण ने सोख लिया। अंतत: बुराई पर अच्छाई की विजय हुई।
श्रीराम का विजय तिलक न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने किया। जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह, डीआईजी श्री गोविंद अग्रवाल, एडीएम सिटी अवधेश तिवारी, एसपी सिटी डा. ब्रजेश कुमार सिंह, सीडीओ धीरेंद्र सचान, नगर आयुक्त संतोष कुमार, मेयर शकुंतला भारती आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। रामलीला कमेटी से अध्यक्ष महेश चंद्र सुहृृद, मंत्री अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष विमल अग्रवाल, वेद प्रकाश जैन, संदीप रंजन, अनिल जैन, मनोज वार्ष्णेय, अतुल कुलश्रेष्ठ, हरीश शर्मा, शैलेंद्र अग्रवाल, टीएन मित्तल, सुनील गर्ग, ऋषि मित्तल, गोपाल वार्ष्णेय, पवन गुप्ता, पवन खंडेलवाल, गोपाल अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, प्रदीप भारद्वाज, अर्जुन गोविल, अर्जन देव, राजेश गर्ग, सुबोध स्वीटी, सतेंद्र मित्तल, अनुराग गुप्ता, कमल अरोरा, अनिल सेंगर, अजय मित्तल आदि सदस्य मौजूद थे।