कोलकाता के बड़ा बाजार के सराफा व्यापारी से लूट का प्लान किसी और ने नहीं, बल्कि उसके यहां नौकरी करने वाले गंगीरी के अंकुश ने ही बनाया था। ये बात पुलिस की पूछताछ में अंकुश व रूप किशोर ने स्वीकारी है। रूपा ने यहां एटीएस को बताया कि वह पिछले आठ साल से अपने परिवार के संपर्क में नहीं है और गंगीरी में रहता है। इसी दौरान अंकुश से उसकी दोस्ती हुई। पिछले दिनों अंकुश का फोन आया तो वह अपने दो साथियों को लेकर वहां पहुंच गया और वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल वे माल ठिकाने लगाने जा रहे थे। अंकुश का इंतजार करना था। उसके आने पर माल का बंटवारा किया जाता।
पुलिस की जांच व पूछताछ में उजागर हुआ है कि अपने पिता की तीसरे नंबर की संतान है। उसके दो बच्चे भी हैं। वह आठ माह पहले नौकरी पर कोलकाता गया था। घर में बाकी भाई मजदूरी आदि करते हैं। वहीं रूप किशोर उर्फ रूपा के विषय में उजागर हुआ है कि वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। उसके सभी भाई खैर में ही रहते हैं। उसका अपनी पत्नी से विवाद हुआ और मुकदमा चल रहा है। इसी बीच वह अपनी किसी रिश्ते की मामी के संपर्क में आ गया और उसी के साथ गंगीरी में शादीशुदा जीवन बिता रहा था। आठ साल से वह अपने परिवार के संपर्क में नहीं है।
चोरी, नशा तस्करी के अपराध में आते रहते हैं नोटिस
खैर पुलिस से जानकारी मिली है कि रूप किशोर चोरी, गांजा तस्करी, तमंचा बेचने जैसे धंधों में लिप्त रहा है। इसे लेकर उस पर कुछ मुकदमे भी दर्ज हैं। इन्हीं मुकदमों को लेकर पुलिस जब भी अदालती नोटिस लेकर उसके घर पहुंचती है तो जवाब मिलता है कि वह यहां नहीं रहता। कहां रहता है कोई जानकारी नहीं है।
कस्बे में करता था परचून की दुकान, वहीं बनी योजना
रूप किशोर कस्बा गंगीरी में परचून की दुकान व चाट की ढकेल लगाने लगा था। इसी बीच उसकी दोस्ती अंकुश से हो गई। अंकुश भी एक-दो बार छोटे-मोटे अपराध में पुलिस रडार पर रहा है। इसी बीच दोनों ने किसी बड़े कांड को अंजाम देने की योजना बनाई। पिछले दिनों अंकुश ने वहां से उसे फोन पर खबर दी और इसी खबर पर रूपा अपने दो दोस्तों को लेकर पहुंच गया और वारदात को अंजाम देकर चला आया।
बस से पहुंचे आगरा, दिल्ली जाने की थी तैयारी
पुलिस की पूछताछ में साफ हुआ कि तीनों कोलकाता से बसों में यात्रा करते हुए आगरा पहुंचे। वे पहले बिहार आए। बिहार से यूपी में प्रवेश कर आगरा तक आए। यहां से दिल्ली जाने की तैयारी में थे। दिल्ली में ही किसी जगह माल ठिकाने लगाना था। तभी तीनों धर लिए गए।
लूटा था छह किलो माल, बरामद हुआ 5100 ग्राम
फतेहाबाद के इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि कोलकाता पुलिस के अनुसान इन चारों ने ने मिलकर सराफा व्यापारी दिलीप गुप्ता (61) की हत्या कर छह किलोग्राम सोना लूटा था। इस संबंध में थाना पोस्ता, कोलकाता में लूट व हत्या का मुकदमा दर्ज है। 28 फरवरी को अंकुश को गिरफ्तार किया। उसके पास से करीब एक किलोग्राम सोना बरामद हुआ। शेष माल 5 किलो 116 ग्राम सोना, दो मोबाइल, एक अंगूठी व 2910 रुपये इन तीनों से बरामद हुआ है। ये लुटेरे आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद ,मेरठ जा सकते हैं। कोलकाता पुलिस द्वारा मदद मांगे जाने पर यूपी में अलर्ट था। इसी क्रम में फतेहाबाद के अवंतीबाई चौक से चेकिंग के दौरान ये गिरफ्तारी हुईं।