अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था कि आखिर बंधक बनाकर कौन सी चोरी होती है। कानून के अनुसार जहां बल प्रयोग हो गया, बंधक बनाया गया या डराया धमकाया गया, वहां लूट हो जाती है। इस पर कॉलोनी वासियों व पीड़ित परिवार ने भी नाराजगी जताई।
अलीगढ़ महानगर के महुआ खेड़ा क्षेत्र की ओजोन सिटी हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले मुजफ्फरनगर बीज निगम के कर्मचारी के घर में हुई लूट की वारदात को चोरी में दर्ज करने वाली पुलिस ने सात दिन बाद लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस अभी तक बदमाशों को पता नहीं लगा सकी है।
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मूल रूप से कासगंज बड़ागांव के बाबूलाल मुजफ्फरनगर बीज निगम में कर्मचारी हैं। वह इस सोसाइटी के मकान नंबर ए-274 में रहते हैं। 23 अगस्त की रात आए बदमाशों ने बंधक बनाकर कई लाख का माल लूट लिया था। बदमाशों ने परिजनों को पीटा भी था। पुलिस ने मामले में बंधक बनाकर चोरी करने व धमकाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया।
ये सवाल अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया कि आखिर बंधक बनाकर कौन सी चोरी होती है। कानून के अनुसार जहां बल प्रयोग हो गया, बंधक बनाया गया या डराया धमकाया गया, वहां लूट हो जाती है। इस पर कॉलोनी वासियों व पीड़ित परिवार ने भी नाराजगी जताई। पुलिस के खिलाफ सवाल खड़ा किया।
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इसी मामले में अब पुलिस ने मुकदमे में चोरी की धारा लूट में तरमीम कर दी है। मगर अभी खुलासे की दिशा में कोई बेहतर प्रयास होता नहीं दिखा है। पुलिस खाली हाथ है। इस विषय में इंस्पेक्टर महुआ खेड़ा सत्यवीर सिंह कहते हैं कि परिवार के बयानों के अनुसार मुकदमे में लूट की धारा बदल दी गई है। बाकी खुलासे की दिशा में प्रयास जारी है। लगातार लोगों को अलग-अलग बुलाकर पूछताछ जारी है। चिह्नित किए जा रहे हैं। उन्हें बुलाया जा रहा है।