फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

11 साल से फरार 25 हजारी लुटेरा गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में संगीन अपराध करने के बाद लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन प्रहार में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मडराक क्षेत्र में 11 साल पहले हुई लाखों रुपये के सीमेंट से भरे ट्रक लूट की घटना में फरार बुलंदशहर का 25 इनामी लुटेरा पकड़ा गया है। वह इन दिनों गाजियाबाद में परिवार के संग रहकर ऑटो चला रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने पुलिस टीम को इनाम की घोषणा की है। इसी तरह पिछले दिनों 19 साल से दोहरे हत्याकांड में फरार चल रहे अपराधी नेत्रपाल को दबोचा गया था।
विज्ञापन

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मडराक क्षेत्र में आगरा रोड पर 15 जनवरी 2010 की रात 699 सीमेंट की बोरियों से भरा ट्रक, चालक से नकदी व मोबाइल आदि लूटा गया था। घटना को आधा दर्जन बदमाशों ने दूसरे वाहन से ओवरटेक कर अंजाम दिया था। डकैती में दर्ज की गई इस घटना का उस समय खुलासा कर कुछ बदमाश गिरफ्तार कर जेल भेज दिए थे, जबकि करन पुत्र बेबड़ा उर्फ बलवीर सिंह निवासी बीसा कालोनी बुलंदशहर फरार था। खुलासे के समय करन का भाई जेल भेजा गया था। बाद में करन के मकान की कुर्की तक हुई। मगर उसका पता नहीं चला।
एसएसपी द्वारा किए गए अपराधियों के सत्यापन में जब करन का नाम आया तो उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर एसपी देहात शुभम पटेल की अगुवाई में टीमों को लगाया गया। इसी क्रम में पुलिस टीमों ने जब नए सिरे से उसके विषय में जानकारी जुटाना शुरू किया तो पता चला कि बुलंदशहर के मकान में अब कोई नहीं रहता। एक भाई मानसिक दिव्यांग है, जबकि दूसरा अपराधी है। हाल ही में वह मेरठ जेल से छूटा है, जबकि पिता की मौत हो चुकी है। इसी कड़ी में जानकारी हुई कि उसने अपने आधार कार्ड पर अब खुर्जा का पता अंकित करवा लिया है। इसी क्रम में जब पुलिस पीछे लगी तो उसकी लोकेशन गाजियाबाद में मिल गई। उसका पीछा करते हुए पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से तमंचा, कारतूस आदि बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी में एसओ मडराक राजीव व एसओजी प्रभारी रोहित राठी की टीम शामिल रही हैं।
विज्ञापन

सोचता था हाजिर होकर जमानत करा लूं
गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस पूछताछ में स्वीकारा कि वह अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर लंबे समय से गाजियाबाद रह रहा था। खुद ऑटो चलाता था। उस पर मडराक के अलावा हापुड़ में लूट व बुलंदशहर में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। मडराक की डकैती के मुकदमे में वह फरार था। कई बार उसने सोचा कि न्यायालय में हाजिर होकर कुछ दिन जेल रहने के बाद वह जमानत करा ले। मगर फिर पीछे हट जाता। लॉकडाउन लगने से पहले भी एक बार विचार आया था।
विज्ञापन

- मडराक व एसओजी टीम ने 11 साल से वांछित अपराधी को दबोचा है। इसके लिए पुलिस टीम इनाम की पात्र है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें