अलीगढ़ में गांधीपार्क, मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड हैं। यहां से रोजाना करीब 30 हजार से अधिक यात्री विभिन्न स्थानों को सफर करते हैं। शहर में रहने वाले जाम को लेकर जहां चालक -परिचालक बसों को शहर में लाने की बजाए उन्हें हाईवे बाईपास से लेकर चले जाते हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ता है।
अलीगढ़ शहर के तीनों बस स्टैंड पर आए बिना ही बाईपास से गुजरने वाली अधिकांश रोडवेज बसें अब शहर में भी आएंगी। ऐसा न करने और बस स्टैंड तक बसें न ले जाने वाले चालक-परिचालक दंडित होंगे। इसके लिए हाईवे पर सचल चेकिंग दस्ते की तैनाती की गई है, जो बसों को शहर में भिजवाने का काम करेगी।
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शहर में गांधीपार्क, मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड हैं। यहां से रोजाना करीब 30 हजार से अधिक यात्री विभिन्न स्थानों को सफर करते हैं। शहर में रहने वाले जाम को लेकर जहां चालक -परिचालक बसों को शहर में लाने की बजाए उन्हें हाईवे बाईपास से लेकर चले जाते हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ता है। घंटों वे बस आने का इंतजार करते रहते हैं। मजबूर होकर यात्रियों को हाईवे तक जाना-आना पड़ता है। ऐसे में उन्हें अपना कीमती समय और अतिरिक्त किराया खर्च करने के साथ अन्य दिक्कतें भी उठानी पड़ती है।
सर्वाधिक परेशानी महिला यात्री एवं बच्चों को उठानी पड़ती है। खासकर रात के समय बसें न आने से मुसाफिरों को बाईपास तक जाना पड़ता है। इससे उनमें असुरक्षा की भावना भी बनी रहती है। इसको लेकर रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि चालक-परिचालकों की मनमानी नहीं चलेगी। यदि बसें बस स्टैंड तक नहीं लाते हैं तो उनके डिपो प्रभारियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बसों को बस स्टैंड तक भिजवाने के लिए सचल चेकिंग दस्तों को सक्रिय किया गया है जो हाईवे पर मौजूद रहकर बसों को शहर में भिजवाना सुनिश्चित करेंगे।