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Aligarh: नियम-कायदे नहीं फर्म की मर्जी से होता रहा काम, जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, हुई कार्रवाई

Sun, 15 Sep 2024 02:25 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

बिजली विभाग का नीचे से ऊपर तक हर अधिकारी भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहा था। जांच में इस पूरे खेल का खुलासा हुआ है।
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भ्रष्टाचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्म के आगे सब नतमस्तक थे, न कोई सामान की गुणवत्ता देख रहा था और न मंगवाए गए सामान की संख्या। क्षतिग्रस्त सामान की भी आपूर्ति कर दी गई। बिजली विभाग का नीचे से ऊपर तक हर अधिकारी भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहा था। जांच में इस पूरे खेल का खुलासा हुआ है।

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मामला वित्तीय वर्ष 2022 और 2023 का है। विजयगढ़ नगर पंचायत में विद्युतीकरण कराने का करीब एक करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया था। इसमें नए खंभे लगाने के साथ ही एबी केबल लगाई जानी थी। इसके लिए गणेश इंटरप्राइजेज को टेंडर दिया गया। इसके अलावा कौड़ियागंज और जिले में अन्य स्थानों पर भी कार्य होना था। इस फर्म को पूरे जिले में कार्य करने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का टेंडर दिए जाने की बात सामने आ रही है। 

फर्म ने जिन खंभों की आपूर्ति की, उनकी गुणवत्ता तो खराब थी ही, साथ ही वजन भी टेंडर की शर्तों से कम था। यही हाल एबी केबल का भी था। जितनी मात्रा में सामान की आपूर्ति करनी थी, उसकी संख्या भी कम थी। लेकिन कोई देखने वाला नहीं था। आंख मूंदकर काम होता रहा। यदि नीचे के स्तर पर किसी ने कुछ आनाकानी की भी तो उस पर ऊपर से दबाव आ गया।

यह पूरी कार्रवाई काम में अनियमितताओं को लेकर की गई है। फर्म द्वारा लगाए उपकरणों में शिकायत आई थी। इसके बाद भी उसका टेंडर निरस्त नहीं किया गया था। इसका संज्ञान खुद ऊर्जा निगम के चेयरमैन ने लिया है।-पंकज गोयल मुख्य अभियंता।

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किस पर क्यों हुई कार्रवाई

मुख्य अभियंता सुबोध कुमार शर्मा
-मामला संज्ञान में होने बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसकी वजह के प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाया गया।
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार
-निरीक्षण रिपोर्ट ईआरपी पोर्टल पर अपलोड किए बिना डीआई जारी होने का संज्ञान होने, फर्म से संलिप्तता दिखाने और गलत डीआई निरस्त नहीं करने का दोषी पाया गया।
अधीक्षण अभियंता राघवेंद्र
-बिना उचित दस्तावेज प्राप्त किए डीआई ईआरपी पोर्टल पर अपलोड करने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने पर।
अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार मौर्य
-बिना निरीक्षण रिपोर्ट ईआरपी पोर्टल पर अपलोड किए डीआई जारी करने और बिना दस्तावेजों के सामग्री प्राप्त करने के लिए अधिनस्थों पर दबाव बनाना
शत्रुघन चौहान उप खंडाधिकारी खंड- 2
कौड़ियागंज साइट पर फर्म की सामग्री लगाने से पहले भौतिक जांच नहीं करने, कम वजन के खंभे और कम गुणवत्ता की एबी केबल लगाने का दोषी पाया गया।
सचिन कुमार उप खंडधिकारी-6
-विजयगढ़ में लगाई गई सामग्री की भौतिक जांच नहीं करने कम वजन के खंभे बिना ग्राउटिंग लगाए जाने के लिए दोषी पाया गया।
मनोज कुमार अवर अभियंता कासिमपुर तेहरा
-तत्कालीन अवर अभियंता कौड़ियागंज साइट पर लगाने पहले खंभे और केबल की गुणवत्ता की जांच नहीं करने पर।

खराब ट्रांसफार्मर लगाने से हो गई थी ग्रामीण की मौत
बिजली विभाग में यही मामला नहीं बल्कि और भी घालमेल चलता रहा है। गत 26 अगस्त को अतरौली के गांव नौरथा में ट्रांसफार्मर फटने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, उसकी पत्नी, बेटा और मवेशी बुरी तरह से झुलस गए थे। इसकी जांच में सामने आया था कि क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को बिना जांच के ही गांव में लगा दिया गया था।
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