सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह को जांच रिपोर्ट में मिल से करीब 1137 क्विंटल चीनी जिसकी बाजार में 35.24 लाख आंकी गई। ऑडिट रिपोर्ट में वर्तमान प्रधान प्रबंधक राहुल कुमार यादव, मुख्य लेखाधिकारी ओमप्रकाश, प्रबंधक रसायनविद एमके शर्मा, लेखाकार महीपाल सिंह, प्रभारी सुरक्षा अधिकारी दलवीर सिंह, गोदाम कीपर गुलाब सिंह को दोषी माना गया था। ऐसे में केवल दो शुगर गोदाम कीपर के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराया जाना तमाम सवालिया निशान छोड़ रहा है।
यह था मामला
चीनी मिल के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षक विनोद कुमार सिंह ने 31 मार्च 2024 तक की ऑडिट जांच के दौरान चीनी के अंतिम स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। एक अप्रैल से अक्तूबर 2023 तक चीनी के स्टॉक का मिलान तो मिला, लेकिन फरवरी 2024 में स्टॉक 1538.37 था, लेकिन मार्च माह में घटकर 401.37 क्विंटल ही रह गया । इसका हिसाब मांगने पर चीनी मिल से जुड़े अफसरों व कर्मचारियों ने स्टॉक में रखी करीब 1137 क्विंटल सफेद चीनी को बंदरों द्वारा खा लेने एवं कुछ चीनी के बारिश में खराब होने की बात कही थी।
खास बातें
- प्रधान प्रबंधक राहुल कुमार यादव ने चीनी मिल से करीब 35 लाख रुपये की 1137 क्विंटल चीनी के गायब हो जाने के मामले में प्रभारी शुगर गोदाम एवं कीपर गुलाब सिंह को चीनी स्टॉक रजिस्टर, वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया।
- जिला आबकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार सोनकर के नेतृत्व में जांच में शीरे का टैंक खाली व बिल्कुल सूखा मिला। एक बूंद भी शीरा नहीं मिला। मिल 2021 में बंद हो चुकी है एवं शीरे का अंतिम वितरण 07 जुलाई 2022 को किया जा चुका है।