जहरीली शराब कांड में जेल गई जवां की पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेनू शर्मा की मौत के बाद मंगलवार को प्रकरण में नया मोड़ आ गया। दीवानी में पेशी पर लाए गए रेनू के शराब माफिया पति ऋषि शर्मा ने कारागार प्रशासन पर जेल में पुलिस से साजिश रचकर पत्नी को मारने का आरोप लगाया। अभिरक्षा में कोर्ट जाते समय ऋषि ने चीख-चीखकर कहा कि ये एक साजिश के तहत हुआ है। इस दौरान परिवार व समर्थकों ने पुलिस विरोधी नारेबाजी की और अभिरक्षा में लगी पुलिस से जमकर नोकझोंक भी हुई।
जहरीली शराब कांड के गभाना की मौतों से जुड़े मुकदमे में घोषित माफिया ऋषि शर्मा, मुनीष शर्मा, अनिल चौधरी, विपिन, गंगाराम प्रधान, शिवकुमार, कपिल आदि नौ आरोपी मंगलवार को एडीजे-9 की अदालत में तलब थे। ये सभी जेल से दीवानी हवालात वैन से लाए गए, जब दोपहर में इन्हें पुलिस अभिरक्षा में पैदल-पैदल दीवानी हवालात से कोर्ट ले जाया जा रहा था तो परिवार व समर्थकों के अलावा कुछ अधिवक्ता भी साथ थे। जैसे ही मीडियाकर्मियों को ऋषि ने देखा तो चीखना शुरू कर दिया कि उसकी पत्नी को साजिश रचकर मारा गया है। ऋषि ने पुलिस व जेल के कुछ अधिकारियों के नाम लेकर उन पर आरोप लगाए। कहा कि वे अधिकारी लगातार उन्हें धमका रहे हैं।
ऋषि ने कहा कि उसकी पत्नी की जमानत मंजूर हो गई थी। इसके बाद उसके जमानतदारों को पुलिस जाकर धमका रही थी। गभीर रूप से बीमार होते हुए भी जबरन मेडिकल कॉलेज से छुट्टी कराकर जेल ले आया गया। घटना वाली शाम 8 बजे उसकी तबियत बिगड़ी। डॉक्टर को बार-बार खबर भिजवाई गई। मगर बुलावे पर डॉक्टर नहीं आया। उसे बंदियों की निगरानी में रहने वाले नर्सिंग स्टाफ, बंदीरक्षक व कुछ बंदियों ने ओवरडोज इंशुलिन दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मौत होने पर 11 बजे के बाद जेल से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। ऋषि ने कहा कि अब उसे चुप रहने के लिए धमकाया जा रहा है। ऋषि ने सवाल उठाया कि जब पत्नी का 90 फीसद हार्ट ब्लॉक था तो उसे जेल वापस क्यों लाया गया। उसके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई है। यह घटना उसी का हिस्सा है। इस दौरान ऋषि को पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो समर्थकों ने नारेबाजी कर दी और उनकी नोकझोंक तक हुई। बाद में अधिवक्ता भी ऋषि के समर्थन में आ गए। किसी तरह पुलिसकर्मी सभी को कोर्ट ले गए और पेशी के बाद वापस हवालात लाया गया।
आए दिन जेल में हो रही मौत, कोई दवा देने वाला नहीं
ऋषि ने तो यहां तक कहा कि जेल में आए दिन लोगों की मौत हो रही हैं। वहां बीमार बंदियों को दवा देने वाला तक कोई नहीं है। आरोप लगाया कि बंदियों की निगरानी करने वाले पुराने बंदी ही दवा देते हैं। वही इंजेक्शन तक लगाते हैं।
अनिल ने उठाई 100 से ज्यादा मौत पर सीबीआई जांच व नारको टेस्ट की आवाज
शराब माफिया अनिल चौधरी ने भी इस दौरान ऋषि के सुर में सुर मिलाया। उसने कहा कि यह सोची समझी साजिश का हिस्सा है। जहरीली शराब कांड में राजनीतिक साजिश के तहत हम लोगों को जेल भेजा गया। अब हमारे साथ जेल में अन्याय हो रहा है। अनिल ने कहा कि इस पूरे कांड और अब रेनू की मौत की सीबीआई जांच हो तो सब साफ हो जाएगा। साथ में हम लोगों का नारको टेस्ट भी करा लिया जाए। अनिल ने कहा कि मान लो हम झूठ बोल रहे हैं तो सीबीआई जांच क्यों नहीं। अनिल ने कहा कि जब गोरखपुर में हुई कानपुर के कारोबारी की एक मौत के मामले में सीबीआई जांच हो सकती है तो यहां शराब से इतनी मौत हुईं। अब हमारे साथ निरुद्ध बीमार रेनू की मौत हो गई। तो इस मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं हो सकती। क्योंकि सच से पर्दा उठ जाएगा।
मां के द्वारा भेजी जा रहीं हर पटल पर शिकायतें
इस मामले में ऋषि की मां की ओर से सियासी साजिश के तहत ब्लॉक प्रमुख चुनाव से ऐन पहले पूरे परिवार को जेल भेजने और अब बहू की मौत होने पर मोर्चा खोल दिया है। मां की ओर से मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, हाईकोर्ट पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजे जा रहे हैं, जिसमें इस मामले में उच्चस्तरीय जांच व दोषियों पर कार्रवाई की आवाज उठाई जा रही है। इधर, इस मामले में मां की ओर से न्यायालय की शरण लेने की भी तैयारी चल रही है।
- जहरीली शराब कांड में आरोपी ऋषि व उसके सहयोगियों की मंगलवार को पेशी हुई। इस दौरान ऋषि ने अपनी पत्नी की मौत को एक साजिश करार दिया है, वह गलत नहीं लगता है। क्योंकि जब वह इतनी बीमार थी तो उसे जेल वापस क्यों दाखिल किया गया। ऋषि ने अपना दर्द बयां किया है। ऋषि ने यह बातें न्यायालय के समक्ष भी मौखिक रूप से कही हैं। सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। बाकी काम न्यायालय का है।-रामअवतार सिंह, ऋषि के अधिवक्ता
वादी के दर्ज हुए बयान
एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार गभाना में शराब से हुईं मौतों के मुकदमे में वादी भूपेंद्र की एडीजे-9 के समक्ष गवाही दर्ज हुई। इस दौरान सभी नौ आरोपी जेल से तलब हुए थे, जिनके समक्ष गवाही हुई। इस दौरान अनिल चौधरी के अधिवक्ता के न होने के कारण अनिल के खिलाफ जिरह नहीं हो सकी है। बाकी 8 के खिलाफ जिरह हो गई। अब इस मामले में 14 दिसंबर तारीख नियत की गई है। इसके अलावा अदालत में गांधीपार्क के एक मुकदमे में इंस्पेक्टर हरिभान सिंह राठौर के भी बयान दर्ज हुए।
सीबीआई जांच में हम दोषी हों तो हमें फांसी दे दी जाए
शराब कांड के मुख्य आरोपी ऋषि व अनिल चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा है कि अगर सीबीआई जांच में हम लोग दोषी पाए जाएं तो हमें फांसी दे दी जाए। मगर इस सच से पर्दा उठना चाहिए। इसके पीछे की साजिश उजागर होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल रहे रहे वीडियो
दोपहर में हुए घटनाक्रम के बाद इन दोनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग एक ही बात कह रहे हैं कि जो दोनों मुख्य आरोपी हैं, वही सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।