पुलिस के पास इतना समय नहीं जो फालतू सूचनाएं जुटाएअलीगढ़। रिमांड मजिस्ट्रेट ने दरोगा पर आरोप लगाया है कि जब मुकदमे से संबंधित सूचनाएं न होने पर दरोगा से पूछा गया तो उनका कहना था कि पुलिस के पास इतना फालतू समय नहीं है जो यह सूचनाएं इकट्ठा करे। पुलिस के पास और भी बहुत सारे काम होते हैं।
दरअसल जब दरोगा द्वारा पेश किए गए रिमांड प्रपत्रों का अवलोकन रिमांड मजिस्ट्रेट द्वारा किया गया तो उसमें कई कमियां पाईं गईं थीं। जिन सूचनाओं का उल्लेख प्रपत्र में होना चाहिए था वह नहीं था। इतना ही नहीं अभियुक्तों की गिरफ्तारी की सूचना उनके परिवार वालों को दी गई या नहीं यह भी प्रपत्र में दर्ज नहीं था। जबकि इसका उल्लेख साफ तौर पर किया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट पहुंचा दरोगा-न्यायिक अधिकारी का विवाद
थाना बन्नादेवी में तैनात दरोगा सचिन कुमार और रिमांड मजिस्ट्रेट का विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। न्यायाधीश ने पूरी रिपोर्ट क्लब कर ली है। न्यायिक अफसरों से भी पूरी जानकारी की जा रही है।
रिमांड मजिस्ट्रेट द्वारा भेजी गई रिमांड रिपोर्ट मिल गई है। इसकी जांच कराई जा रही है। पूरे प्रकरण की जानकारी जिला जज के संज्ञान में है। अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले में अवगत करा दिया गया है। संपूर्ण जांच के बाद ही साफ होगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई तय की जाएगी। -संजीव सुमन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक