अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल कुलपति सहित एएमयू के 28 प्रशासनिक अधिकारियों की ईमेल आईडी पर आया है। कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के निजी मेल आईडी पर भी मेल भेजा गया है। इससे शक है कि मेल भेजने वाला कोई स्थानीय ही तो नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भेजे गए ईमेल के मुताबिक “मैंने कुछ छात्रों से बातचीत की और कैंपस में विस्फोटक लगा दिया है। अगर मुझे दो लाख रुपये मेरे यूपीआई नंबर पर दो दिन में नहीं मिले तो विस्फोट कर दिया जाएगा। इसलिए कुछ करने से पहले ध्यान से सोचिए”। 28 प्रशासनिक अधिकारियाें को भेजे गए ईमेल को लेकर भी यूनिवर्सिटी परिसर और अलीग बिरादारी में चर्चा है, क्योंकि सवाल यह है कि ईमेल भेजने वाले व्यक्ति को इन अधिकारियों को एक साथ कैसे ईमेल आईडी मिल गई ? पीआरओ के यूनिवर्सिटी की सरकारी और जीमेल पर ईमेल भेजा गया है, जिससे संदेह होता है कि जिसने भी ईमेल भेजा है, वह यूनिवर्सिटी से पूरी तरह वाकिफ है। हालांकि, यह सच्चाई पुलिस की जांच में सामने आएगी।
शहर में हाई अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में चलाया चेकिंग अभियान
दो महीने में दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। अब शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शहर के संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पहली बार अलीगढ़ रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। अब दूसरी बार एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सिविल लाइंस पुलिस, क्राइम विंग, एसओजी, एटीएस, डाॅग स्क्वाड, सर्विलांस समेत तमाम अन्य जांच एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं। हालांकि, देर रात तक सघन चेकिंग अभियान जारी था, लेकिन पुलिस को कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु जांच में नहीं मिल सकी। इससे पहले सात नवंबर 2024 को रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इस मामले में एएमयू के छात्रों पर आरोप लगा था, जो जम्मू कश्मीर के रहने वाले थे। एसटीफ ने जांच-पड़ताल शुरू की, जिसमें छात्रों पर लगे आरोप सही नहीं मिले।
इससे पहले वर्ष 1998 में एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी असीमानंद, प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित ने दी थी, क्योंकि तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी के एएमयू में आने की मुखालफत की गई थी। इस संंबंध में पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि इस मामले में एनआईए ने जांच भी की थी। इस बारे में उनसे और एक वरिष्ठ पत्रकार से पूछताछ की गई थी। उन्होंने कहा कि असीमानंद, प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
कहीं यह शहर की फिजा खराब करने की साजिश तो नहीं
बम से उड़ाने की धमकियों से शहर की शांत फिजा को खराब करने की साजिश तो नहीं रची जा रही है। यह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच का विषय जरूर है, क्योंकि रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की बात सामने आई थी। अब एएमयू को ईमेल के जरिये बम से उड़ाने की धमकी को भी इसी तरह से जोड़कर माना जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अपनी जांच-पड़ताल में किसी तरह की कोताही नहीं बरत रही हैं। फिर भी शहर में यह चर्चा जरूर है कि कहीं न कहीं इस तरह की अफवाहें शहर की शांत फिजा को बदनाम व उसे खराब करने के लिए तो नहीं फैलायी जा रही हैं।