खतौनी में बैंकों द्वारा बंधक दर्ज किए जाने की जानकारी ऑनलाइन करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इसमें बैंकों की भी मदद ली जाएगी। इसके बाद जमीन संबंधी जानकारी लेने के लिए किसी भी व्यक्ति को तहसील और कलेक्ट्रेट तक आने को चक्कर नहीं लगाना होगा।
सरकार अब जमीन खरीदने वालों को बड़ी राहत देने जा रही है। खरीदारों को राजस्व खतौनी देखते ही पता चल जाएगा कि उस पर किसी तरह का कर्ज है या नहीं। राजस्व विभाग इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
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जमीन खरीद में धांधली की शिकायतें अक्सर मिलती रहती हैं। किसान हो या प्रापर्टी डीलर एक ही जमीन का कई बार बैनामा, रजिस्ट्री कर देते हैं। कुछ लोग तो कर्ज लेने के बाद भी धोखाधड़ी कर जमीन बेच देते हैं। जमीन लेने वाला जब अपने लिए कर्ज लेना चाहता है तो बैंक में पता चलता है कि इस जमीन पर तो पहले से ही कर्ज है। इसलिए सरकार की ओर से नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे धांधली रुक सके। राजस्व विभाग रियल टाइम खतौनी में जमीन पर कर्ज लेते ही खतौनी पर फीडिंग की विभाग ने व्यवस्था कर ली है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा के अनुसार खतौनी में बैंकों द्वारा बंधक दर्ज किए जाने की जानकारी ऑनलाइन करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इसमें बैंकों की भी मदद ली जाएगी। इसके बाद जमीन संबंधी जानकारी लेने के लिए किसी भी व्यक्ति को तहसील और कलेक्ट्रेट तक आने को चक्कर नहीं लगाना होगा।