शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज मोहल्लों की मस्जिदों में पढ़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद बकरे का गोश्त, खाल या और गंदगी को सड़कों न डालें। दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं का पूरा ख्याल रखें। शहर मुफ्ती ने कहा कि पिछले दिनों ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह में पढ़ने का एलान किया था, लेकिन कोविड-19 संक्रमण की वजह से वह अपना फैसला वापस ले रहे हैं।
अब इलाकों की मस्जिदों में ही ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी जाएगी। शहर मुफ्ती ने कहा कि बेहतर होगा कि मस्जिद में 50 लोगों से ज्यादा लोग इकट्ठा न हों। अलबत्ता, सफ (पंक्ति) में दूरी और हर नमाज के बीच कम से कम दो फिट की दूरी होनी चाहिए। हाथ व गले से मिलने से परहेज करें। अगर कहीं पुलिस आती है तो उनसे बात करें, ताकि कहीं किसी भी तरह का टकराव पैदा न हो।