अतरौली के गांव सैयद आलमपुर में मृतकों के नाम पर राशन जारी होने की जानकारी के बाद डीएम ने सख्ती अपना ली है। उन्होंने जिले के 6.54 लाख राशन कार्ड धारकों की जांच के आदेश दिए हैं। डीएम के मुताबिक सरकारी राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ जिस किसी के स्तर पर पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।
जिला पूर्ति विभाग में वर्तमान में गरीबी रेखा से ऊपर यानी निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को जारी पात्र गृहस्थी राशन कार्ड की संख्या 6.30 लाख है। इधर, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को अंत्योदय राशन कार्ड की संख्या में 24,596 है। इन सभी की अब जांच होगी। दरअसल, अतरौली के प्रकरण के बाद जिला प्रशासन को अंदेशा है कि जिले में इस प्रकार की गड़बड़ी और भी जगह मिल सकती है। इसमें कोटेदार भी शामिल हैं।
राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति की मौत होने पर एक माह में कराएं अवगत
डीएसओ चमन शर्मा के नियम है कि किसी राशन कार्ड धारक के घर में अगर जन्म एवं मृत्यु होती है तो वह संबंधित के विषय में एक माह के भीतर कार्यालय को सूचित करेगा। मौत के मामलेे में कोटेदार की भी यह जिम्मेदारी है कि वह बताएगा कि फलां कार्डधारक के परिवार के उक्त सदस्य की मौत हो गई है। इस पर विभाग राशन कार्ड में से नाम हटा देता है। परिवार के अन्य सदस्यों के मुताबिक फिर राशन दिया जाता है।
कोटेदार सहित छह पर लगा 38 हजार का जुर्माना
गांव सैयद आलमपुर में मृतकों के नाम पर राशन जारी होने के घपले में कोटेदार शेर सिंह सहित छह लोगों पर 38,094 रुपये की बतौर जुर्माना वसूल करने के आदेश डीएम ने दिए हैं। डीएम ने बताया कि अगर आगे भी लोग इस प्रकार के घपले में फंसते हैं, तो उनके खिलाफ भी जुर्माना लगाया जाएगा।