मुख्य आरोपी सुआलीन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि 11:30 बजे बच्ची उसकी छोटी बहन संग खेल रही थी। तभी उसने बच्ची को बीस रुपये देकर गुटखा व चिप्स लेने भेजा। जब वह लौटकर आई तो छोटी बहन नीचे सोने चली गई। इसी दौरान वह बच्ची के साथ खेल-खेल में गंदी हरकत करने लगा। इसी दौरान बच्ची शोर मचाते हुए जाने लगी। इस पर आरोपी ने उसके साथ गंदी हरकत को अंजाम दिया, जब उसने खून से लथपथ होकर रोते हुए घर जाने की जिद की तो वारदात को अंजाम दिया। इसी बीच उसका दूसरा भाई रिजवान भी वहां आ गया। दोनों भाइयों ने मिलकर दोपहर ढाई बजे शव को बोरे में बंद कर बाथरूम में रख दिया और तय किया कि रात को शव को ठिकाने लगाएंगे।
परिवार में कोहराम, हालात भी बेहद खराब
जिस परिवार की बच्ची संग घटना हुई है, उस घर का हाल बेहाल है। रोती-बिलखती मां व बहन को कोई संभाल नहीं पा रहा था। परिवार के आर्थिक हालात की बात करें तो वह भी बहुत कमजोर हैं। कुछ रिश्तेदार मदद करते रहते हैं। इधर, इस घटना के बाद पुलिस ने बुधवार को दिन में दोनों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो आदि धाराओं में जेल भेज दिया। मां व तीसरे भाई को छोड़ दिया। आरोपी परिवार के घर पर ताला लटका हुआ है।
इस घटना में दो भाइयों की भूमिका उजागर हुई है। दुष्कर्म का अंदेशा जताते हुए पोस्टमार्टम में स्लाइड सुरक्षित रखी गई है। उसी आधार पर दोनों को धाराएं बढ़ाकर जेल भेजा गया है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी