एक जुलाई 2024 से देश में नया आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता ( बीएनएस ) के तहत प्रदेश में प्रथम व देश में दूसरे मामले में सजा हुई है। जिसमें नए कानून के तहत किसी दोषी को सजा दिलाई गई है। 29 दिन बाद लैंगिक अपराध के मुकदमें में दोषी को सजा सुनाई गई है। एसएसपी संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अलीगढ़ पुलिस ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना व अभियोजन की संयुक्त प्रभावी पैरवी की है। जिसके बाद न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर आरोपी भरतभूषण उर्फ सोनू निवासी मोहल्ला सराय तोताराम, थाना अतरौली को 20 वर्ष कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है ।
इस तरह हुई सजा
- 19 जुलाई की घटना में मुकदमे के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी व चार्जशीट की प्रक्रिया हुई पूरी।
- 21 सितंबर को अदालत में आरोप तय होकर ट्रायल शुरू हुआ।
- 23 सितंबर को वादी व पीड़ित की गवाही हुई।
- 24 सितंबर को पीड़ित की मां की गवाही हुई।
- 25 सितंबर को मुकदमा लेखक की गवाही।
- 30 सितंबर को वीडियो बनाने वाले चश्मदीद की गवाही।
- 01अक्तूबर को डॉ. नाजिया की गवाही।
- 03 अक्तूबर को विवेचक थाना प्रभारी की गवाही।
- 05 अक्तूबर को आरोपी के बयान।
- 10 अक्तूबर को आरोपी के मौखिक साक्ष्य पेश।
-14 अक्तूबर को अंतिम बहस हुई ।
-19 अक्तूबर को आरोपी को सजा सुनाई ।
इस मुकदमे में सभी सात गवाहों ने अपनी मजबूत गवाही दी है। मुकदमे में सबसे मजबूत साक्ष्य चश्मदीद द्वारा बनाया गया वीडियो माना गया है। जिसके आधार पर अदालत ने अधिकतम सजा सुनाई है।-महेश सिंह, विशेष लोक अभियोजक