चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। मस्जिदों में तरावीह पढ़ाने के लिए इमाम मुकर्रर कर दिए गए हैं और नमाजियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
रमजान का चांद 17 फरवरी को नजर आने की पूरी उम्मीद है। अगर चांद दिख जाता है तो 17 फरवरी से ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। चांद दिखने पर पहला रोजा 19 फरवरी को होगा।
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चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। मस्जिदों में तरावीह पढ़ाने के लिए इमाम मुकर्रर कर दिए गए हैं और नमाजियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इबादत के इस महीने को लेकर मुस्लिम इलाकों में खास रौनक देखने को मिल रही है। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। सहरी और इफ्तार के लिए खजूर, सेवई, फलों और अन्य खाने-पीने की चीजों की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगी है। दुकानदारों ने देर रात तक दुकानें सजाकर तैयारियां पूरी कर ली है।
दूरबीन से चांद देखने का इंतजाम
रमजान का चांद दूरबीन से देखने का इंतजाम कर लिया गया है। ऊपरकोट स्थित शाही जामा मस्जिद में मरकजी रूयत-ए-हिलाल कमेटी की बैठक होगी। कमेटी के प्रबंधक मोहम्मद अहमद शेवन ने बताया कि चांद देखने के लिए कमेटी के सदस्य मस्जिद परिसर में मौजूद रहेंगे।