भाई उपकार,प्रणव और शौर्य को राखी बांधती कृतिका कुंतल।
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कोरोना महामारी के बीच रक्षाबंधन का त्योहार सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम की डोर बांधी। भाइयों ने भी उनकी हिफाजत का वादा करते हुए कई सारे उपहार दिए। राखी बांधने का कार्यक्रम दिनभर चलता रहा। इस दौरान अधिकांश लोगों ने मास्क और सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन किया।
भद्रा काल के चलते 09.28 के बाद ही राखी बांधने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। जिले में अन्य जिलों से राखी बांधने के लिए बहनें आईं तो यहां से भी कुछ बहनें अपने मायके गईं। भाइयों ने अपनी बहनों को खुश के लिए कई आकर्षक उपहार भी दिए। पैकिंग वाले गिफ्ट भी प्रचलन में रहे। शहर में बाजार खुले, लेकिन लोग कम निकले। सुबह अधिक भीड़ के चलते हलवाई खाना, सब्जी मंडी क्षेत्र में जाम भी लगा। घेवर की दुकानें दिनभर खुली रहीं। जिन पर बिक्री चलती रही। कुछ दुकानें ऐसी भी थीं, जहां घेवर की समाप्ति हो गई। लोग अधिकतर अपने निजी वाहनों से घूमे, ऐसे में ई-रिक्शा और टैंपो में काफी कम सवारियां बैठीं। हालांकि, कई जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का नियम भी टूटा।
सुबह-शाम रही भीड़ तो दोपहर में सन्नाटा
अलीगढ़। रक्षाबंधन के मौके पर सुबह और शाम को लोग घरों से निकले। सुबह जहां खरीददारी के चलते अधिक भीड़ रही। वहीं शाम को लोग घूमने निकले। कुछ लोग शाम को शहर में खरीदारी भी करते रहे। कई लोगों ने चाट, केक, आइसक्रीम का लुत्फ उठाया। लेकिन दोपहर को गर्मी के चलते लोग घरों में कैद रहे। सीमित संख्या में ही लोग बाजारों में आए।
सोशल मीडिया पर एक दूसरे को दी बधाई
जो लोग अपने दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों से नहीं मिल सके। उन लोगों ने सोमवार सुबह से रक्षाबंधन की शुभकामनाओं के संदेश प्रसारित किए। सोशल मीडिया पर शुभकामना संदेश प्रसारण का दौर चलता रहा। फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म पर भाई-बहनों ने रक्षाबंधन की तस्वीरें भी साझा कीं।