भारी बारिश से महानगर जलमग्न हो गया है। महापौर फुरकान अहमद के कार्यालय, सांसद सतीश गौतम के मोहल्ले और मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी के आवास तक लबालब पानी भरा है। पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भी जलभराव हो गया है। ओपीडी व इमरजेंसी तक पहुंचने वाले रास्ते पर घुटने भर पानी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में कूड़े का उठान नहीं हुआ, जिसकी वजह से वहां से कूड़ा नालियों और सड़कों पर बजबजाता रहा। दुर्गंध से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बेमौसम बारिश से नगर निगम के इंतजामों की पोल खुल गई है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी की ठोस व्यवस्था करने में असफल नगर निगम प्रशासन संक्रामक बीमारियों को कैसे रोक पाएगा।
बृहस्पतिवार की रात बारिश के बाद पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय परिसर, रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, मैरिस रोड, दुर्गाबाड़ी, कचहरी रोड, रेलवे रोड, गुरुद्वारा रोड, सुरेंद्रनगर, सुदामापुरी, रावणटीला, सासनी गेट, मान सरोवर, ज्ञान सरोवर, मानिक चौक, विद्यानगर, जयगंज आदि इलाकों में जलभराव हो गया। जिसमें गंदगी और पॉलिथीन उतराती रही। दुर्गंध से लोगों को उबकाई तक आ रही थी। इस बारिश ने प्लास्टिक व पॉलीथिन की रोकथाम के लिए चलाया जा रहे अभियान के दावों की पोल खोल दी।
कचरे में प्लास्टिक व पॉलीथिन के साथ-साथ तरह-तरह के खाद्य पदार्थों के रैपर भी नजर आ रहे थे। मुश्किलों से घिरे रामघाट रोड पर दुकानदार नगर निगम एवं जिला प्रशासन को कोस रहे थे। बारिश के कारण गूलर रोड, रावण टीला, सुदामापुरी सहित कई क्षेत्रों में कुछ समय के लिए बिजली व्यवस्था बाधित हुई।
सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह ने बताया कि कुछ जगह सीवर और नाले का काम चल रहा है, इसलिए जलभराव से लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए नगर निगम के सभी पंप चल रहे हैं। कुछ छोटे पंप अलग से लगवाए गए हैं ताकि जल्द से जलभराव की समस्या से निजात मिल सकें।
महापौर कार्यालय के गेट पर जलभराव।- फोटो : CITY OFFICE