प्रतिष्ठानों की घेराबंदी, आठ घंटे चली कार्रवाई
अलीगढ़ शहर के कारोबारियों के लिए सोमवार का दिन भारी रहा। लखनऊ से आई खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने दोपहर दो बजे से लेकर रात 10 बजे तक जिले में सघन कार्रवाई की। आठ घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान शहर के बड़े व्यापारियों की सांसें अटकी रहीं।
लखनऊ नंबर की तीन गाड़ियों में सवार होकर आई टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की प्रतिष्ठानों को एक तरह से सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान न तो अंदर काम कर रहे स्टाफ को बाहर जाने की इजाजत थी और न ही किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने दिया गया। मिलों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन अंदर विभाग की टीम एक-एक बारीकी को खंगाल रही थी।
सूत्रों के मुताबिक टीम ने पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अंजाम दिया। कच्चे माल की परख की गई। सबसे पहले सरसों के बीजों की गुणवत्ता जांची गई कि वे शुद्ध हैं या उनमें कोई मिलावट है। इसके बाद स्टॉक का निरीक्षण किया। इसमें तैयार तेल, रिफाइंड और घी के भारी स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद सैंपलिंग और सीलिंग की कार्रवाई की। संदिग्ध पाए गए नमूनों को तीन से चार हिस्सों में बांटकर सरकारी मुहर के साथ सील किया गया। जिस माल में मिलावट की प्रबल आशंका थी, उसे तुरंत सीज कर विभाग की मुहर लगा दी गई।
रजिस्टर और सफाई पर भी पैनी नजर
दस्तावेजों की जांच के दौरान टीम ने वैद्य लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया। यह देखा गया कि फैक्टरी में कितना कच्चा माल आया और कितना तैयार माल बाहर भेजा गया। इसके साथ ही ब्रांड रजिस्ट्रेशन की भी जांच की गई। विभाग ने फैक्टरी के भीतर साफ-सफाई, चूहों-कीड़ों की मौजूदगी और मशीनों की स्थिति के साथ-साथ वर्करों की हाइजीन का भी निरीक्षण किया।
मेमो तैयार कर लिए हस्ताक्षर
देर रात कार्रवाई खत्म होने के बाद टीम ने एक विस्तृत जब्ती मेमो तैयार किया। मौके पर मौजूद मिल प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर कराकर नमूनों को जांच के लिए लैब भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
आज भी जारी रहेगी कार्रवाई
लखनऊ से आई एफएसडीए की टीम शहर में मैरिस रोड स्थित एक होटल में रूकी हुई है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई 24 फरवरी को भी जारी रह सकती है। टीम में जो भी अधिकारी हैं वह लखनऊ से आए हैं और वहीं पर अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं।