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डिग्गी रोड पर हुक्काबार में छापा, 33 हिसारत में

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थाना सिविल लाइन क्षेत्र में डिग्गी मार्ग पर एक रेस्टोरेंट में पुलिस ने छापा मारकर हुक्का बार संचालित होता पकड़ लिया। इस दौरान रेस्टोरेंट मालिक और स्टाफ सहित 33 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसमें से 31 छात्र हैं, जो अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में पढ़ते हैं। साथ ही फ्लेवर्ड तंबाकू, हुक्के, शराब की बोतलें भी बरामद की हैं। हिरासत में लिए गए लोगों में कुछ एएमयू छात्र भी हैं जिनका कहना है कि वह वहां पर खाना लेने आए थे।
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थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर अमित कुमार ने बताया कि डिग्गी रोड पर अब्दुल्ला कॉलेज के पास अल फलक कैफे और रेस्टोरेंट है, जिसका मालिक तल्हा शिवानी है। इसमें हुक्का बार संचालित होने की जानकारी मिली थी। इस पर सोमवार की रात वह अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर पाया गया कि हल्की रोशनी में तमाम लोग हुक्का का सेवन कर रहे हैं। इस रेस्टोरेंट में खाना और स्नैक्स भी मिलता है लेकिन यहां पर हुक्का बार भी चलता पाया गया। पुलिस को देखकर कुछ लोग भागने लगे लेकिन उन्हें दबोच लिया गया। यहां से पुलिस को शराब की बोतलें, फ्लेवर्ड तंबाकू व 6 हुक्के बरामद हुए। बरामद माल की सैंपलिंग कर जांच को भेजा जाएगा। सभी 33 लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। इन सभी का चालान काटा गया है। जबकि मालिक और स्टाफ के लोगों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
‘एक वर्ष पहले भी यही हुक्का बार संचालक सेंटर प्वाइंट पर हुक्का बार चलाते हुए ही पकड़ा गया था। यह पेशेवर नशाखोरी का सरगना है। इसके खिलाफ गैर कानूनी कामों और अवैध रूप से नशे का धंधा करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इसी के आधार पर कार्रवाई होगी’
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- अमित कुमार, इंस्पेक्टर, थाना सिविल लाइन
कोर्ड वर्ड में हुक्के को शीशा कहते थे
पुलिस को पूछताछ में हिरासत में लिए एक युवक ने बताया कि लोग व्हाटस एप या अन्य माध्यम से दोस्तों को हुक्का बार में इकट्ठा होने का मैसेज दे देते हैं। अक्सर इसके लिए कोर्ड वर्ड का इस्तेमाल भी करते हैं। यह लोग सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर हुक्के का फोटो खींचकर मैसेज भी कर दिया करते थे। कोड वर्ड में हुक्के को शीशा भी कहते हैं। यहां पर प्रीमियर शीशे के लिए 500 रुपये और कंबाइंड शीशे के लिए 600 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। फ्लेवर के लिए टिकिया डाली जाती है। ढाई सौ से दो हजार तक के खर्च में अलग अलग तरह के हुक्के यहां पर थे।
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यह हैं हुक्के के नुकसान (जैसा जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. यशपाल रावल ने बताया)
- हुक्के के तंबाकू में पाया जाने वाला एक हानिकारक पदार्थ निकोटीन हाथ पैरों की खून की नलियों में कमजोरी और सिकुड़न पैदा करता है।
- इसका पानी धुएं को फिल्टर नहीं करता बल्कि इसके धुएं में 4 हजार तरह के जहरीले रसायन होते हैं।
- सिगरेट की तरह इसमें भी निकोटिन होता है, जिससे इसकी लत लग जाती है।
- हर्बल शीशा या हुक्का व्यक्ति के अंदर कैंसर पैदा करने वाले तत्वों को भर देता है।
- जितनी बार भी हुक्के को शेयर किया जाता है उतनी ही बार संक्रमण, हार्पीस और अन्य बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है
इस तरह तैयार करते हैं फ्लेवर
ठंडा अहसास कराने के लिए तंबाकू में मिंट मिलाया जाता है।
मीठे कसैले स्वाद के लिए तंबाकू में फलों का फ्लेवर मिक्स।
ठंडे और गर्म असर के लिए दो फ्लेवरों का मिक्स होता है।
रोमांटिक मूड के लिए आडू या संतरे के फ्लेवर वाला तंबाकू।
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