विनिर्माणशाला में 150 लीटर मिश्रित दूध भी मिला। इसके साथ 35 किलोग्राम क्रीम और 05 किलोग्राम खोया भी पाया गया। यह सभी सामग्री बदबूदार और अस्वच्छ स्थिति में रखी थी। मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर इसे नष्ट कर दिया गया।
3 सितंबर को अलीगढ़ के टप्पल थाना अंतर्गत नरवारी गांव में एक पनीर विनिर्माणशाला पर छापा मारा गया। यह कार्रवाई मिलावटी पनीर बनाए जाने की सूचना पर की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
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सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय दीपक सिंह के नेतृत्व में टीम ने यह अभियान चलाया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेंद्र कुमार पांडेय भी टीम में शामिल थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवदास सिंह, महेंद्र सिंह, त्रिभुवन नारायण, अनुज कुमार, अंशुल पांडेय, आशीष गंगवार और सुनील सिंह भी मौजूद थे। मौके पर खाद्य कारोबारी आसिफ़ पुत्र उमर मोहम्मद उपस्थित पाए गए। टीम ने विनिर्माणशाला से बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री जब्त की। 90 किलोग्राम रिफाइंड पाम ऑयल और 225 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त किया गया। जब्त की गई इन सामग्री का कुल मूल्य 86340 रुपये था। इन सभी के नमूने जांच के लिए संग्रहीत किए गए।
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अस्वच्छ सामग्री नष्ट की गई
विनिर्माणशाला में 150 लीटर मिश्रित दूध भी मिला। इसके साथ 35 किलोग्राम क्रीम और 05 किलोग्राम खोया भी पाया गया। यह सभी सामग्री बदबूदार और अस्वच्छ स्थिति में रखी थी। मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर इसे नष्ट कर दिया गया। नष्ट की गई सामग्री का कुल मूल्य 13750 रुपये था।
कारोबार बंद, पंजीकरण निलंबन की प्रक्रिया में
मौके से कुल छह नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें रिफाइंड पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, मिश्रित दूध, क्रीम और खोया के नमूने शामिल हैं। टीम ने तत्काल बॉयलर को सील कर दिया। पनीर विनिर्माण का यह खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया है। खाद्य पंजीकरण के निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।