अवैध खनन माफिया और गांजा तस्करों पर कार्रवाई के दौरान उनके मोबाइल फोन में पुलिसकर्मियों के कॉल रिकॉर्ड मिलने से महकमे में खलबली मच गई। मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद अलीगढ़ एसएसपी नीरज जादौन ने दो उपनिरीक्षकों समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है।
मामला गोरई और इगलास थाना क्षेत्र से जुड़ा है। सीओ कमलेश कुमार के अनुसार, क्षेत्र में गांजा तस्करों और अवैध खनन माफिया को लेकर पुलिसकर्मियों के संरक्षण की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस ने देर रात घेराबंदी कर चार लोगों को पकड़ लिया। इनके मोबाइल फोन की जांच की गई तो पुलिसकर्मियों से बातचीत के कॉल रिकॉर्ड मिले। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई।
दो थानों के पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
निलंबित होने वालों में गोरई थाने के उपनिरीक्षक बरेश्वर सिंह और इगलास थाने के उपनिरीक्षक महिपाल सिंह शामिल हैं। इनके अलावा इगलास थाने के आरक्षी 667 हरिओम तथा गोरई थाने के आरक्षी 2720 भगवानशंकर, 1926 विपिन कुमार, 93 आकाश, 2159 जयपाल और 116 मनीष को भी निलंबित किया गया है।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए कॉल रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, अवैध खनन और गांजा तस्करी को लेकर पुलिसकर्मियों के संरक्षण की शिकायतों के बीच देर रात चार लोगों को पकड़ा गया था। उनके मोबाइल फोन की जांच में पुलिसकर्मियों से बातचीत के रिकॉर्ड मिले। इन रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब विभागीय जांच में यह देखा जाएगा कि निलंबित पुलिसकर्मियों और पकड़े गए लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था और उनके बीच हुई बातचीत का मकसद क्या था। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक साथ आठ निलंबित
दो अलग-अलग थानों से जुड़े दो दरोगा और छह आरक्षियों पर एक साथ कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। एसएसपी ने सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।