फैक्टरी से टीम को 10 - 10 किलो के 110 पैकेट, 50 - 50 किलो के चार पैकेट तथा सेलखड़ी (खड़िया) के 100 किलो के आठ पैकेट बरामद हुए हैं।
दो रुपये किलो वाली सेलखड़ी मिला रहे थे
मंडलीय खाद्य आयुक्त ने बताया कि आटे में मिलाने वाला पाउडर सेलखड़ी मिला है। जिसे आम तौर पर खड़िया के नाम से भी जाना जाता है। अमूमन यह 2 रुपये किलो के भाव में मिल जाता है। आटे में मिला कर 27 रुपये किलो के भाव से बिकता है। आटे में इसकी दस फीसदी मिलावट करने का आकलन है। 10 किलो की पैकिंग में 1 किलो और 50 किलो की पैकिंग में 5 किलो सेलखड़ी मिलाए जाने का अंदेशा है। मौके से लिए गए नमूने जांच के लिए भेजे गए है।
लिवर, किडनी से आंत तक होता है असर
मंडलीय खाद्य आयुक्त ने बताया कि सेलखड़ी लिवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचाती है।
तालानगरी की केके इंडस्ट्रीज में आटे में सेलखड़ी पाउडर मिलाते हुए पकड़ा गया है। 13 क्विंटल आटा सहित परिसर को सील कर दिया गया है। दो साल से फैक्टरी का संचालन किया जा रहा था।-अजय कुमार जायसवाल, मंडलीय खाद्य आयुक्त, अलीगढ़ मंडल
एक दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे फैक्टरी संचालक और कर्मचारी
इस दौरान टीम को फैक्टरी में राहुल कुमार नामक युवक मिला, जिसने बताया कि पिछले दो माह से फैक्टरी का जिम्मा उसके पास है। सेलखड़ी की मिलावट के बारे में पूछताछ करने पर उसने बताया कि गेंहू और सेलखड़ी फैक्टरी संचालक अरशद शाह लाते हैं, उसे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं अरशद ने उसने फैक्टरी राहुल कुमार व रिंकू सिंह पुत्रगण महेंद्र सिंह, निवासी गांव सरमस्तपुर को सौंप दी थी। उसे मिलावट की जानकारी नहीं है।
पंचवटी गोल्ड नाम रखने पर सवाल
पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को अपना नाम पता और खाद्य सामग्री की सूची चस्पा करने के आदेश किए थे। जिसको लेकर कई संगठनों और विपक्ष के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं तालानगरी में आटा मिल चलाने वाले अरशद शाद अपने आटे को पंचवटी गोल्ड के नाम से बेच रहे हैं। इसकी चर्चा रही।