महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली से भारी संख्या में लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को जिले में आने के बाद सीधे उनके घर नहीं जाने दिया जाएगा। पहले उनको गांव में ही बने क्वारंटीन सेंटर में भेजा जाएगा। वहां उनकी कोरोना जांच होगी, रिपोर्ट अगर निगेटिव आती है और व्यक्ति में लक्षण हैं तो उसे सात दिन क्वारंटीन सेंटर में रहना होगा। यदि जांच में निगेटिव पाया जाता है और लक्षण भी नहीं हैं तो घर में कम से कम सात दिन क्वारंटीन रहना होगा।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की ओर से जारी निर्देशों में सभी एसडीएम को कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो लोग जनपद के बाहर अथवा पड़ोसी राज्यों से आ रहे है। उन व्यक्तियों को संबंधित पंचायत घर/बरात घर/सरकारी स्कूलों में क्वारंटीन सेंटर बनाकर वहां आइसोलेट किया जाए। सेंटरों पर लेखपालों की ड्यूटी लगाने के साथ खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की जाए। यह सभी व्यवस्थाएं एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल के निर्देशन में होंगी। संबंधित एसडीएम व जिला पंचायतराज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कार्य करेंगे। डीएम ने साफ तौर पर कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।