कंट्रोल रूम से टूट गया संपर्क
स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) के लिए यह सिस्टम कान और गले का काम करता है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौराहों की स्थिति देख रहे अधिकारी इसी सिस्टम के माध्यम से निर्देश देते हैं कि यातायात को कहां डायवर्ट करना है या जाम की स्थिति में क्या कदम उठाने हैं। पीएएस के खराब होने से अब कमांड सेंटर से सीधे निर्देश देना असंभव हो गया है।
इन संवेदनशील इलाकों में सिस्टम खराब
बारहद्वारी चौराहा, तुर्कमान गेट, गिलहराज मंदिर, कुंजीलाल तिराहा, रामलीला मैदान, जकरिया मार्केट, शमशाद मार्केट, क्वार्सी, अचलताल, दीवानी कचहरी, एटा चुंगी, दुबे का पड़ाव, दोदपुर, केलानगर और मसूदाबाद जैसे संवेदनशील इलाकों में यह सिस्टम खराब पड़ा है।
तीन दशक पुराना है इतिहास
नगर निगम कार्यकारिणी के पूर्व उप सभापति कुलदीप पांडेय का कहना है कि अलीगढ़ के संवेदनशील इतिहास को देखते हुए करीब 30 साल पहले एक बड़ी घटना के बाद इस सिस्टम की शुरुआत हुई थी। पहले इसका संचालन पुलिस कंट्रोल रूम से होता था। अब आधुनिक तकनीक के साथ आईसीसीसी को सौंप दिया गया है।