अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र (फाइल फोटो)
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लगातार छात्र सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज जुमे की नमाज के बाद यूनिवर्सिटी के बाबे सैयद गेट पर इकट्ठे हुए छात्रों ने यूनिवर्सिटी तराना गाया। इसके बाद छात्रों ने राष्ट्रगान भी किया बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए छात्रों ने नारे भी लगाये और एएमयू में जामिया के पक्ष में जमकर छात्रों ने नारेबाजी भी की है।
प्रदर्शन में शामिल हुए यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि हम लोगों ने आज इकट्ठे होकर यूनिवर्सिटी का तराना गाया इसका उद्देश्य लोगों को इस प्रोटेस्ट में जोड़ना है। क्योंकि एएमयू के तराने को सभी पूर्व छात्र जानते हैं यूनिवर्सिटी का तराना सभी लोगों को जोड़ने का काम करता है। इस तराने से लोगों के जज़्बात जुड़े हुए हैं। कुछ टीचर हमारे यहां ऐसे हैं जो सोए हुए हैं उन लोगों को जगाने व जोड़ने का काम इस तराने को बजा कर किया गया है। उसके बाद राष्ट्रगान भी गाया गया, इसका मकसद यह था कि हम लोगों को बता देना चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रगान तिरंगे वह लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं।
उन्होंने कहा कि लोग हमारे ऊपर सवाल खड़े करते हैं। उन लोगों से पूछना चाहिए कि वह लोग किस तरह से तिरंगे का अपमान करते हैं ऐसे लोग सिर्फ एक खास रंग के झंडे को पूजते हैं, तो इसलिए हमसे किसी प्रकार का सवाल न किया जाए। हमारे कुछ स्टूडेंट पर गुंडा एक्ट लगाया गया जो कि सरासर गलत था। जिन लोगों पर एक्ट लगाया गया है वह उस समय वहां मौजूद ही नहीं थे।
गुंडा एक्ट उन लोगों पर लगाना चाहिए जिन लोगों ने कैंपस में घुसकर बाइक तोड़ीं कमरों में आग लगाई ऐसे लोगों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई होनी चाहिए, साथ ही हम स्टूडेंट से यह अपील करते हैं कि वह जल्द से जल्द अपने हॉस्टल में वापस आएं और इस मूवमेंट में अपनी जान डालें। उन्होंने कहा कि दुनिया को बताएं की एएमयू वो जिंदा कौम है जो अपने हक को छीन सकती है, और हम इंशाल्लाह इस बिल को वापस करा कर रहेंगे।