शाहजमाल ईदगाह के बाहर धरना स्थल पर लगी लोगों की भीड़।
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शाहजमाल में चल रहे धरने के 32वें दिन एएमयू की छात्राओं ने धरने की कमान संभाली। इस दौरान छात्राओं ने इस दोनों कानूनों को काला कानून की संज्ञा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराया। जनपद में चल रही प्रशासनिक कार्रवाईयों के लिए सांसद सतीश गौतम को जिम्मेदार ठहरा डाला। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि यह सारी कार्रवाइयां सांसद सतीश गौतम के इशारे पर हो रही हैं। अगले चुनाव में उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।
दस-बारह की संख्या में धरने में पहुंची छात्राओं ने कहा कि धरने का विरोध कर रहे पुरुष लाइसेंसी हथियार साथ लेकर चलें। ताकि अप्रिय स्थिति में उसका इस्तेमाल बचाव के लिए किया जा सके। उन्होंने महिलाओं से कहा कि शरारती तत्वों से निपटने के लिए वे अलीगढ़ का ताला साथ लेकर चलें। अप्रिय स्थिति आने पर उसका इस्तेमाल हथियार की तरह करें। उन्होंने सीएए एवं एनआरसी को मुस्लिम एवं संविधान विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखने का आह्वान भी किया। इस सबके बीच धरना लगातार 32वें दिन भी जारी रहा। यहां सुबह के समय तो कम भीड़ नजर आई, लेकिन दोपहर होते होते प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती चली गई। सायं काल तक यहां हजारों की भीड़ जमा थी। इस दौरान केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। इस दौरान एक मानसिक रूप से कमजोर धरना स्थल पर पहुंच गया। जिससे महिलाएं भड़क गईं। बाद में पुलिस वालों ने उसे भगा दिया।
चुंगी गेट पर शांतिपूर्वक पढ़ी गई नमाज
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शुक्रवार को जुमे की नमाज को ध्यान में रखते हुए प्रॉक्टोरियल टीम ने पूरी एहतियात बरती। बाब ए सैयद पर चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान यहां पर नमाज नहीं पढ़ी गई लेकिन यहां पर बेरीकेड लगवा कर गेट बंद कर दिया गया था। छात्रों ने पुरानी चुंगी स्थित गेट पर नमाज पढ़ी। यहां पर सड़क के एक ओर नमाज हुई। इस दौरान प्राक्टर टीम के सदस्य भी व्यवस्था में लगे रहे। शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे वहां पर लोगों का इकट्ठा होना शुरू हो गया। प्राक्टर टीम ने चुंगी गेट की ओर ही नमाज की व्यवस्था कर दी थी। अनूपशहर रोड पर यातायात सुचारू रहा। इस दौरान सीओ संजीव दीक्षित चुंगी पर मय फोर्स के मुस्तैद रहे।
एएमयू चुंगी पर जुमे की नमाज पढ़ते नमाजी।- फोटो : CITY OFFICE
शाहजमाल ईदगाह के बाहर धरने पर बैठी महिलाएं।- फोटो : CITY OFFICE