विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा ‘नॉन नेट फेलोशिप’ बंद किए जाने के विरोध में एएमयू छात्रों ने कैंपस में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और यूजीसी चेयरमैन से इसे वापस लेने की मांग की। छात्रों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की गिरफ्तारी एवं बल प्रयोग का भी तीखे शब्दों में निंदा की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मोदी, स्मृति एवं यूजीसी चेयरमैन वेद प्रकाश के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला। यूजीसी के फैसले से नवंबर में संभावित करीब 225 छात्र फेलोशिप से वंचित हो सकते हैं। छात्रों का कहना है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने नॉन नेट फेलोशिप बंद करने का फैसला वापस लेने का भरोसा ट्वीट कर दिलाया है लेकिन जब तक इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं होती, वे लोग विरोध करते रहेंगे।
छात्रों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा खासकर रिसर्च से वंचित रह जाएंगे। छात्र इसे शिक्षा के निजीकरण के प्रयास से भी जोड़कर देख रहे है। बाद में छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से यूजीसी चेयरमैन के पास भेजा। प्रदर्शन करने वाले छात्रों में शोध छात्र तारिक इकबाल, मुजाहिद मुगल, याशिर अराफात रिजवी, लियाकत खान, शिकोह आदि समेत दर्जनों छात्र शामिल थे।