सराय एक्ट जैसे काले कानून को खत्म करने की मांग
एसोसिएशन के चेयरमैन और पर्यटन सलाहकार पंकज धीरज ने सरकार से मांग की कि हर जिले में होटल संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही, पदाधिकारियों ने शासन से सवाल किया कि अंग्रेजों के जमाने का गुलामी का प्रतीक काला कानून सराय एक्ट" आज विकसित होते भारत में भी क्यों चलन में है? सरकार को तुरंत होटल संचालकों के हित में एक सर्वमान्य और आधुनिक नीति का निर्धारण करना चाहिए।
लाखों की रोजी-रोटी और अरबों का राजस्व दांव पर
संगठन मंत्री मनमीत सिंह और कोऑर्डिनेटर दीपक गर्ग ने स्पष्ट किया कि होटल संचालक अग्नि सुरक्षा और बचाव के हर संभव उपाय करने को तैयार हैं और समय-समय पर करते भी हैं। कोई भी संचालक नहीं चाहता कि उसके प्रतिष्ठान में कोई जनहानि हो। उन्होंने याद दिलाया कि यह इंडस्ट्री न केवल सरकार को करोड़ों-अरबों का राजस्व देती है, बल्कि इससे जुड़े कैटर्स, डेकोरेटर्स, लाइट और डीजे साउंड वाले हजारों-लाखों परिवारों की रोजी-रोटी भी चलती है। यदि महंगाई के इस दौर में उत्पीड़न के कारण यह उद्योग नष्ट हुआ, तो इसके लिए पूरी तरह प्रशासन जिम्मेदार होगा।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने एकजुट होकर अलीगढ़ मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से इस प्रकरण में तुरंत हस्तक्षेप कर स्थाई समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डरा-धमका कर उत्पीड़न बंद नहीं किया गया, तो सभी संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे और कर्मचारियों की रोजी-रोटी की पूरी जिम्मेदारी फिर शासन की होगी। इस प्रेस वार्ता के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष मानव महाजन, महामंत्री विवेक बगाई, पर्यटन सलाहकार पंकज धीरज, संगठन मंत्री मनमीत सिंह, कोऑर्डिनेटर व मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग सहित भारी संख्या में होटल व रेस्टोरेंट संचालक मौजूद रहे।