सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी के नेतृत्व में शुक्रवार को फिल्म छपाक के समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मीनाक्षी टॉकीज पहुंचे। यहां उन्होंने टॉकीज संचालक से फिल्म को चलाने की मांग की। इस पर प्रभारी मैनेजर तरुण कुमार ने कार्यकर्ताओं को बताया कि फिल्म की उन्होंने बुकिंग नहीं की है। इसके चलते वह फिल्म पर्दे पर नहीं चला सकते।
इसी बात पर छात्रसभा के कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। सूचना पर सीओ अनिल समानिया पुलिस बल के साथ सिनेमाघर पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने रामघाट रोड स्थित स्टार वर्ल्ड सिनेमा की ओर कूच कर दिया। सूचना पर एसीएम यहां पहुंच गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लेकर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की।
सिनेमाघरों पर रहा पहरा
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देख पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कर रखे थे। पहले शो से लेकर देर रात सिनेमाघर बंद होने तक पुलिस मीनाक्षी टॉकीज, सीमा टॉकीज, स्टार वर्ल्ड सिनेमा, डीडी सिनेमा के बाहर तैनात रही। फिल्म देखने आने वाले दर्शकों पर पैनी निगाह रखी गई। किसी को भी बिना पूछताछ या चेकिंग के अंदर नहीं जाने दिया गया।
माहौल बिगड़ा तो कार्रवाई तय
सिनेमाघरों में फिल्म छपाक न चलने से न सिर्फ दशकों को निराशा हाथ लगी, बल्कि सिनेमाघर संचालकों का भी नुकसान हो गया। फिल्म को लेकर जिस तरह उत्सुकता थी, उससे फिल्म से अच्छी कमाई होने की उम्मीद थी, मगर विरोध को देखते हुए भीतरखाने प्रशासन ने सिनेमाघर संचालकों को फिल्म रिलीज करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस अमला उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि अगर किसी भी प्रकार से माहौल बिगड़ा तो उन पर कार्रवाई तय है। प्रशासन के रुख को देखते हुए सिनेमाघर संचालक भी किसी पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे।
विरोध और जुमा बना छपाक के लिए खलनायक
फिल्म के बॉयकॉट को लेकर हिंदूवादी संगठन द्वारा धमकियों भरे संदेश सोशल मीडिया पर जारी करने से ज्यादा दर्शकों और सिनेमाघर संचालकों में एनआरसी और सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों का अधिक भय रहा।