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बिना अनुमति के शाहजमाल में धरना, जामिया का छात्र गिरफ्तार

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सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनआरसी, एनपीआर के विरोध में बिना अनुमति के बृहस्पतिवार दोपहर शाहजमाल मोहल्ले में एडीए कॉलोनी पार्क में महिलाएं धरने पर बैठ गईं। इस खबर पर पुलिस प्रशासनिक टीम हरकत में आ गई और महिलाओं को समझाकर घरों को भेजने की कवायद शुरू हो गई। इसी बीच धरने में महिलाओं के बीच घूमकर उनकी ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग कर रहा जामिया मिलिया इस्लामिया का छात्र शाहीन अब्दुल्ला संदिग्ध लगने पर हिरासत में ले लिया गया। इस पर महिलाएं और उग्र हो गईं और उसकी रिहाई को लेकर घंटों हंगामा किया। पूछताछ के बाद केरल निवासी जामिया के छात्र को शांति भंग में पाबंद कर जमानत पर रिहा किया गया। इसके बाद करीब चार घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
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शाहजमाल ईदगाह में जिला प्रशासन की अनुमति से 21 व 22 जनवरी को धरना था, जिसकी अनुमति शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने ली थी। बृहस्पतिवार को कोई धरना नहीं था। बावजूद इसके कुछ महिलाएं सुबह करीब साढ़े 11 बजे पहुंच गईं और धरने पर बैठने की जिद करने लगीं, जिसे पुलिस ने नामंजूर कर दिया। इसके बाद महिलाएं एडीए कॉलोनी के पार्क में जाकर बैठ गईं। इसी बीच धरने की वीडियो रिकॉर्डिंग एक युवक कर रहा था। उसके पास कुछ अजीब सा उपकरण भी था। पुलिस को वह संदिग्ध लगा। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। जब यह खबर महिलाओं को लगी तो वह उग्र होकर युवक की रिहाई के लिए नारेबाजी करते हुए अकबरी मस्जिद के पास जमा हो गईं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस फोर्स पहुंच गया। पुलिस ने महिलाओं को समझाया कि आप लोग घर जाइए। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा। बाद में युवक को छोड़ भी दिया गया। इसके बाद देर शाम करीब चार घंटे बाद महिलाएं अपने घर वापस चली गईं। इस मौके पर एसपी सिटी अभिषेक, सीओ प्रथम विशाल पांडेय, देहली गेट पुलिस व महिला थाना पुलिस आदि मौजूद रहीं।
इधर, पुलिस पूछताछ में युवक ने अपना नाम शाहीन अब्दुल्ला निवासी केरल, हाल निवासी जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली में मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (पत्रकारिता व जनसंचार) का छात्र बताया। उसने कहा कि देश भर में हो रहे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनआरसी, एनपीआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन का कवरेज करता है। उसके पास मकतूल मीडिया की आईडी भी थी। वह एएमयू में धरने को कवर करने आया था। अपने एक परिचित छात्र के पास ठहरा हुआ था। इसी बीच उसे खबर लगी कि शाहजमाल में कोई धरना चल रहा है तो वह यहां कवर करने पहुंच गया था। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार का कहना है कि पुलिस ने जिस युवक को हिरासत में लिया है उसका नाम शाहीन अब्दुल्ला निवासी केरल व जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली में मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (पत्रकारिता व जनसंचार) का छात्र है। उसे शांति भंग में पाबंद किया गया था, जिसे जमानत पर छोड़ दिया गया है।
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कैसे पता कि शाहजमाल में धरना है
इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि जब धरना दो दिन चलकर बुधवार को ही खत्म हो गया और बृहस्पतिवार को धरना या प्रदर्शन की कोई तैयारी नहीं थी। किसी को दूर-दूर तक इस बात की भनक नहीं थी कि यहां आज ऐसा कोई प्रदर्शन होगा। फिर एएमयू कैंपस में यह सूचना कैसे पहुंच गई कि शाहजमाल में कोई धरना होगा। जिसकी कवरेज करने के लिए केरला निवासी जामिया के छात्र को भेजा गया और उसके साथ दो-तीन अन्य एएमयू छात्र भी आए और बाद में उसकी जमानत भी एएमयू के ही छात्र कराकर ले गए। अंदरखाने भनक है कि कहीं एएमयू के छात्र ही तो शहर में लोगों को इस तरह के प्रदर्शनों के लिए प्रेरित तो नहीं कर रहे।
पहले जेएनयू अब जामिया लिंक तलाश रही खुफिया इकाइयां
नागरिकता संशोधन कानून एनआरसी आदि को लेकर एएमयू और शहर में चल रहे विरोध प्रदर्शन का जामिया मिलिया इस्लामिया और दिल्ली के शाहीन बाग से कनेक्शन जुड़ने का इनपुट स्थानीय खुफिया एजेंसियों को मिला है। इसके बाद उन्होंने इस दिशा में छानबीन की और सभी प्रकार के तथ्य जुटाए, जिसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट शासन प्रशासन को भेजी गई है।
खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पिछले वर्ष तक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होने वाले किसी भी प्रकार के विरोध और प्रदर्शन का अपना एक अलग तरीका, तहजीब और शब्दावली हुआ करती थी, लेकिन पिछले वर्ष अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जो विरोध प्रदर्शन हुए उनका स्वरूप और शब्दावली कुछ बदली हुई थी। वह धरना प्रदर्शन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली की तर्ज पर हो रहे थे, जिसमें डफली बज रही थी और लयबद्ध तरीके से नारेबाजी भी हो रही थी। इसमें सत्ता संस्थान और उनके कथित शोषण से आजादी की बात भी शामिल थी और कहीं ना कहीं समाजवादी आवरण लिए स्लोगन भी शामिल थे।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिसंबर 2019 से चल रहे विरोध प्रदर्शन में यह चीज और उभर कर सामने आई। इसके बाद शहर के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन हुए और उनमें विरोध करने वालों की सामाजिक पृष्ठभूमि और विरोध के तरीकों में विरोधाभास भी देखा गया। यहीं से खुफिया एजेंसियों का ध्यान इस विसंगति की ओर गया। पहले जेएनयू कनेक्शन एएमयू से जुड़ा। इसके बाद अब जामिया मिलिया इस्लामिया कनेक्शन शाह जमाल ईदगाह तक पहुंच रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर अगर यकीन करें तो शाहीन बाग को विस्तार दिए जाने के क्रम में वो ठिकाने तलाशे जा रहे हैं, जहां पर शाहीन बाग जैसी स्थितियां आसानी से बन सके, क्योंकि शाहीन बाग लेकर अदालत का रुख विकल्प तलाश करने की स्थिति पैदा कर रहा है। इस इनपुट के बाद प्रशासन ने अपनी ओर से भी तैयारियां शुरू कर दी हैं और शासन के निर्देशों का भी इंतजार किया जा रहा है।
जमालपुर में दूसरे दिन भी फ्लैगमार्च
सीओ तृतीय के नेतृत्व में पुलिस व आरएएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। इस दौरान पुलिस एएमयू सर्किल से लेकर जमालपुर अनूपशहर रोड तक पैदल घूमकर लोगों को पुलिस का अहसास कराया।
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