अतरौली को जिला बनाने की मांग का पत्र सौंपते प्रधान और सदस्य
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अतरौली को नया जिला बनाने का प्रस्ताव 27 नवंबर को क्षेत्र पंचायत बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। ब्लॉक सभागार में आयोजित इस बैठक में ब्लॉक प्रमुख राजेश्वरी देवी की अध्यक्षता में प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही निर्माण के अन्य प्रस्ताव पास किए गए। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी, रवेंद्रपाल सिंह और केपी मिस्त्री ने मिलकर अतरौली और डिबाई क्षेत्रों को मिलाकर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम से एक नया जिला बनाने का प्रस्ताव रखा।
इस प्रस्ताव का बैठक में उपस्थित सभी बीडीसी सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने पुरजोर समर्थन किया। ब्लॉक प्रमुख राजेश्वरी देवी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) वेदप्रकाश को निर्देश दिया कि यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव शासन में भेजा जाए। बैठक का संचालन गेंदालाल वर्मा ने किया। इस दौरान एडीओ केपी सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, भाजयुमो महामंत्री अंकित शर्मा, बलवीर सिंह प्रधान, अमरीश कुमार, प्रशांत मुदगल, शेखर भारद्वाज, अमित राघव, रामबान सिंह, उदयपाल राघव, राजेश प्रधान, शिवकुमार शर्मा, अनिल चौधरी, नीलकमल राजपूत, योगेंद्र सिंह आदि सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
अतरौली को जिला बनाए जाने के शासन की पहल का कल्याण सिंह के पुत्र प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजवीर सिंह राजू ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के विकास को और भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्रीय लोगों की अपेक्षाएं पूरी होंगी।
राजस्व परिषद ने प्रशासन से मांगी है रिपोर्ट...जुटाया जा रहा विवरण
अतरौली, गंगीरी और बुलंदशहर जिले के डिबाई को मिलाकर कल्याण सिंह नगर नाम से नया जिला बनाए जाने के लिए राजस्व परिषद ने 17 अक्तूबर 2025 को प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। दोनों जिलों का प्रशासन इस संबंध में विवरण जुटा रहा है। दरअसल 1 अगस्त 2025 को कल्याण सिंह के पुत्र और एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में यह प्रस्ताव देते हुए मांग की कि उनके पिता के नाम पर नया जिला बनाया जाए। नए जिले में कल्याण सिंह के पैतृक गांव मढ़ौली (जो अतरौली में है) और गंगीरी को नई तहसील बनाने की मांग की थी। इस जिले के नामकरण का आधार भी पत्र में विस्तृत रूप में दिया गया था।
पत्र में कहा था कि उनके पिता कल्याण सिंह ने अपना पूरा जीवन सामाजिक कार्यों और भाजपा को समर्पित किया। विपरीत परिस्थितियों में भी वे अतरौली विधानसभा क्षेत्र से जीतकर आते रहे। अलीगढ़ और बुलंदशहर के कई हिस्से जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से लगे हुए हैं, वह विकसित हैं लेकिन अन्य क्षेत्रों में विकास की वह स्थिति नहीं है। इसलिए यह क्षेत्र भी विकास की उम्मीद रखते हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी संजीव रंजन कहते हैं कि सभी बिंदुओं पर विवरण जुटाया जा रहा है। उसे शासन को भेजा जाएगा।
खुद कल्याण सिंह ने भी की थी नया जिला बनाने की पहल
नए जिले के गठन के प्रस्ताव पर राजवीर सिंह राजू कहते हैं कि तीन दशक पहले बाबूजी कल्याण सिंह ने खुद अतरौली को जिला बनाने की पहल की थी और उस समय हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया था। अब वह इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वह कहते हैं कि कोई भी नया जिला बनने पर स्वाभाविक रूप से विकास के लिए अलग से बजट मिलता है, अलग न्यायपालिका और प्रशासन मिलता है, मुख्यालय बनता है, मेडिकल कॉलेज जैसी अन्य सुविधाएं मिलती हैं। अतरौली तीन जिलों अलीगढ़, कासगंज और बुलंदशहर के बॉर्डर पर स्थित है। नया जिला बनने से इन तीनों क्षेत्रों के लोगों को बहुत सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अतरौली, डिबाई (बुलंदशहर) और कासगंज का यह क्षेत्र बाढ़-पीड़ित है। नया जिला बनने से बाढ़ की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी।