निजी कोविड अस्पताल संचालक मनमानी पर उतारू हैं। प्रशासन के आदेश के बाद भी भर्ती मरीजों की संख्या, बेड की उपलब्धता की रिपोर्ट कोरोना कंट्रोल रूम को नहीं भेजी जा रही है। इसके अलावा अस्पताल के बाहर इलाज की दरों की सूची भी चस्पा नहीं की गई है।
कोरोना की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम के समक्ष यह शिकायत आई। उन्होंने सभी अस्पताल संचालकों को चेतावनी दी है कि सरकार/प्रशासन की प्रत्येक गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों के जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल बनाया है।
अब उनकी जिम्मेदारी है कि वह दिन में तीन बार अस्पताल में भर्ती मरीज, बेड की उपलब्धता, मरीजों को दी जा रहीं दवाओं, ऑक्सीजन की निगरानी के साथ अस्पताल के बाहर इलाज दरों की सूची चस्पा कराने का काम सुनिश्चित कराएं।
साथ ही समस्त निजी चिकित्सालय गाइडलाइन के अनुसार अपने चिकित्सालय में कुल बेड के सापेक्ष 10 प्रतिशत बेड कोरोना कंट्रोल रूम के लिए खाली रखें। 10 प्रतिशत बेड पर कंट्रोल रूम से रेफर किए जाने वाले संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
साथ ही सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने आवंटित अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को कोरोना कंट्रोल रूम सेंटर से जोड़ें। जिससे कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की निगरानी के साथ ही इलाज, व्यवस्था, अव्यवस्था की निगरानी की जा सके।