जेल से दीवानी पेशी पर लाए गए 150 के करीब बंदियों ने बुधवार को दीवानी हवालात में हड़ताल कर दी। गरमी से बेहाल बंदियों की दलील थी कि वे तब तक पेशी पर नहीं जाएंगे, जब तक यहां कूलर अथवा पंखे का इंतजाम नहीं किया जाएगा। इसे लेकर पुलिस के पसीने छूट गए। उन्हें काफी समझाया गया, मगर बंदी पेशी पर जाने को तैयार नहीं हुए। मसला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। अब हवालात में कूलर-पंखे का इंतजाम कराना तय किया गया है।
जेल से दीवानी पेशी पर रोजाना की तरह दो बार पीआई वैन से बंदियों को दीवानी हवालात लाया गया। करीब 150 बंदी हवालात में पहुंचे। तभी कुछ बंदियों ने अंदर गरमी और उमस पर बखेड़ा खड़ा कर दिया। साफ कहा कि पहले यहां पंखा या कूलर लगवाया जाए, तभी वे अब पेशी पर जाएंगे। जब पेशी पर ले जाने का समय शुरू हुआ और सिपाहियों ने एक-एक कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया तो उन्होंने जाने से इंकार कर दिया। एक-एक कर सभी बंदी एक स्वर में पेशी पर जाने से मना करने लगे। स्थिति यह हो गई कि सिपाही व हवालात इंचार्ज उन्हें समझाने लगे। दीवानी चौकी प्रभारी भी पहुंच गए। बंदियों को समझाया जाने लगा। मगर काफी प्रयास के बाद भी वे मानने को तैयार नहीं हुए।
बाद में मसला पुलिस लाइन के आरआई व सीओ लाइन/सीओ तृतीय के संज्ञान में लाया गया। इन अधिकारियों के जरिये मसला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया गया। हालांकि अधिकारियों के स्तर से हवालात में पंखा-कूलर आदि के इंतजाम के लिए कहा गया है। मगर बुधवार को बंदियों की पेशी नहीं हो सकी। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि बंदियों ने गरमी के चलते पंखा लगवाने को कहा था। इसी के चलते वे पेशी पर नहीं गए। हालांकि उनको समझा लिया गया है। हवालात में पंखा आदि का इंतजाम कराया जा रहा है।