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अलीगढ़ : स्कूलों छाई रौनक...पहले दिन पढ़ा कोरोना से बचाव का पाठ

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संत फिदेलिस स्कूल में छुट्टी के बाद स्कूल परिसर में बच्चे। - फोटो : CITY OFFICE
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के चलते करीब डेढ़ महीने से बंद प्राइमरी और जूनियर स्कूल सोमवार से खुल गए। सुबह हंसते-खिलखिलाते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। शिक्षकों ने मिठाई और चॉकलेट देकर बच्चों का स्वागत किया। साथ ही उनको कोरोना संक्रमण से बचाव का पाठ भी पढ़ाया।
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सोमवार को सभी बोर्ड के कक्षा एक से कक्षा आठ तक के बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो गई। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के चलते करीब डेढ़ महीने से स्कूल बंद थे। पिछले दिनों कक्षा नौ से कक्षा 12 तक की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो गई थी। स्कूल आने वाले बच्चों को कोरोना महामारी से बचाव के तरीके बताए गए। बच्चों को कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत कक्षा में बिठाया गया था। स्कूल की छुट्टी होने पर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखने लायक थी। विनीत इंटर कॉलेज में बच्चों का स्वागत किया गया। निदेशक नीरू गौतम, प्रबंधक विनीत गौतम, कोआर्डिनेटर अमन गौतम, प्रधानाचार्य नरोत्तम सिंह, प्राक्टर अफजाल हमीद ने बच्चों को चॉकलेट भेंट कीं। वहीं, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी बोर्ड के स्कूल खुल गए हैं। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन हर हाल में सबको करना है।
स्कूल आकर साथियों के साथ पढ़ना काफी अच्छा लगा। स्कूल खुलने का इंतजार कर रही थी। - यति कटारा, छात्रा, कक्षा-4, विश्वभारती पब्लिक स्कूल
ऑनलाइन पर इतनी अच्छी पढ़ाई नहीं पा रही थी। समझ में भी ज्यादा नहीं आता है। अब सही है। - कनिष्क वार्ष्णेय, छात्र, कक्षा-4, विश्वभारती पब्लिक स्कूल
काफी दिनों के बाद स्कूल आया हूं। मुझे अच्छा लग रहा है। स्कूल में बेहतर पढ़ाई कर सकूंगा। - हृदेश, छात्र, कक्षा-4, शांति निकेतन वर्ल्ड स्कूल
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सरकारी दफ्तरों में पहुंचे फरियादी
सरकारी दफ्तरों में भी सोमवार से रौनक लौट आई। पहले दिन ही फरियादी अपनी शिकायतों के साथ अधिकारियों के पास पहुंचे। हालांकि, पहले दिन कम संख्या में फरियादी पहुंचे।
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कोरोना की तीसरी लहर के जोर पकड़ने के चलते सरकार ने दिसंबर माह के अंत में सरकारी दफ्तरों को 50 फीसदी क्षमता से खोलने के निर्देश दिए थे। इसका खामियाजा गांव देहात से आने वाले फरियादियों को भुगतना पड़ रहा था। वे किसी काम के लिए आते तो संबंधित बाबू अथवा अधिकारी सीट पर नहीं मिलते। इस वजह से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा था। नौ जनवरी को विधानसभा चुनाव 2022 की अधिसूचना जारी होने के बाद तो स्थिति और भी बिगड़ गई। अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक चुनावी कार्य में व्यस्त हो गए। इसके चलते सरकारी दफ्तर सूने ही रहे। दस फरवरी को मतदान हो गया। इस बीच कोरोना की तीसरी लहर भी कमजोर पड़ गई। इसके बाद सरकार ने सोमवार से सभी दफ्तरों को पूरी क्षमता से खोलने के आदेश कर दिए। सोमवार को सभी दफ्तरों में रौनक लौट आई। इसका फायदा उठाने के लिए फरियादी एक बार फिर उमड़ते नजर आए। पहले दिन डीएम दफ्तर में 31 शिकायतें आई तो मुख्य विकास अधिकारी दफ्तर में 27 लोगों ने फरियाद की। सभी शिकायतों को संबंधित अफसर के पास भेज दिया गया है। अन्य दफ्तरों में भी कमोबेश यही हाल रहा।
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