एएमयू में देश विभाजित करने संबंधी बयान देकर राष्ट्रद्रोह के मुकदमे में आरोपी जेएनयू छात्र शरजिल इमाम की जमानत के लिए उनके अधिवक्ता ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में दायर की जाएगी। बता दें कि पूर्व में निचली अदालत से शरजिल की जमानत खारिज हो चुकी है।
एएमयू में सीएए-एनआरसी विरोधी धरने में जेएनयू छात्र शरजिल इमाम ने विवादित बयान दिया था, जिसका वीडियो वायरल होने पर सिविल लाइंस थाने में राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 29 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने शरजिल को गिरफ्तार कर लिया गया। पिछले दिनों शरजिल को स्थानीय अदालत में तलब किया गया था। उस समय निचली अदालत में जमानत अर्जी दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अधिवक्ता आले नबी ने बताया कि अब सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की जाएगी।
एडीजे-ईसी एक्ट के न्यायालय से दहेज हत्या के दो अलग-अलग मुकदमों में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। एडीजीसी रामकुमार के अनुसार बलवीर सिंह निवासी शहबाजपुर दादों व नसरुद्दीन निवासी कस्बा दादों पर दहेज हत्या के मुकदमे दर्ज हैं। उनके अधिवक्ताओं की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है।