परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ एसपी सिंह ने कहा कि कोविड-19 के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। स्वस्थ रहने के लिये उन्हें अपने खान-पान से लेकर दिनचर्या में बदलाव लाना होगा। वह बाहर से आने वाले लोगों से नहीं मिले तो ठीक रहेगा। अगर मजबूरी है तो मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर महीने की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की व्यवस्था है। महिलाएं स्वास्थ्य केंद्र जाकर नियमित रूप से जांच कराएं। समस्या होने पर क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें।
कोरोना संक्रमित होने पर तनाव न लें
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसपी सिंह ने बताया कि यदि गर्भवती महिला कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाती है तो उसे आम कोविड मरीजों के समान ही कोरोना नियमों का पालन करना होगा। महिलाएं सबसे पहले खुद को आइसोलेट कर ंले और किसी भी व्यक्ति से न मिलें। अगर घर में छोटे बच्चे हैं तो उनसे भी दूरी बनाकर रखें और उन्हें भी कमरे के अंदर न आने दें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा, काढ़ा और स्टीम लेती रहें। इस दौरान तनाव न लें और माहौल को खुशनुमा रखें।
ब्लड प्रेशर की मरीज रहे सतर्क
मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ रेनू शर्मा ने बताया कि अगर किसी महिला को पहले से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो उसे गर्भावस्था के दौरान सचेत रहने की जरूरत है। कई बार गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को हाइपरटेंशन की वजह से झटके आने लगते हैं। इसे प्री एक्लेमिंशिया कहते हैं। ऐसे में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो सकती है। कई बार डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को झटके आने लगते हैं।
भूख न लगने पर लें आयरन टैबलेट
सीएमएस ने बताया कि गर्भवती महिला को अगर भूख नहीं लगती है तो उनमें कैल्शियम की कमी है। इससे निपटने को आयरन की टैबलेट ले सकते हैं। बुखार होने पर घबराएं नहीं, कोरोना के लक्षण है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ।
क्या है उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है, जिसमें मां या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है। किसी भी गर्भावस्था में जहां जटिलताओं को संभावना अधिक होती है, उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी या उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में रखा जाता है। इस तरह की गर्भावस्था को प्रशिक्षित चिकित्सक की विशिष्ट देखभाल की आवश्यकता होती है।
गर्भावस्था में कैसे रखें ख्याल
- खान पान के रुटीन का पालन जरूरी
- डाइट में विटामिन को शामिल करें
- तेल, घी मसालेदार चीजों से परहेज करें
- बुखार होने पर घबराएं नहीं, इम्युनिटी का रखें विशेष ख्याल
- कोरोना के लक्षण है तो तुरतं डॉक्टर से संपर्क करें
- पैरासीटामाल, विटामिन सी, फोलिक एसिड, जिंकोविट और बी कांप्लेक्स दवा जरूर रखें
- गर्भावस्था के दौरान नानवेज खा सकती हैं
- हर दिन हल्का व्यायाम जरूर करें