गेहूं खरीद के संबंध में मंगलवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने जिले की प्रगति जानी, जिसमें 95789.69 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद 21888 किसानों से होने की बात सामने आई। इसके अलावा पीसीएफ और एसएफसी द्वारा किसानों का भुगतान समय से न करने का आरोपी पाया गया। इसके चलते दोनों संस्थाओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि समीक्षा बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता एवं अन्य क्रय एजेंसियों के प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक में निर्देश दिए कि जनपद में हो रही गेहूं खरीद को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। 72 घंटे में किसान का भुगतान किया जाए। पीसीएफ के 17 क्रय केंद्रों पर गेहूं का उठान न होने पर तत्काल उठान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन टोकन से खरीद कराने के लिए एवं 300 क्विंटल तक की सीमा तक ही ऑनलाइन खरीद करने के निर्देश दिए हैं। भुगतान की समीक्षा में एसएफसी और पीसीएफ का भुगतान संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधितों को नोटिस जारी किया है। प्रत्येक गेहूं क्रय केंद्र पर बोरा समान रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं, जिससे बोरों के अभाव में खरीद प्रभावित न हो। सभी केंद्र प्रभारियों को ई-पॉस मशीन से ही खरीद कराए जाने के निर्देश दिए हैं। जिले में कुल 95789.69 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जिसमें 21888 किसान लाभान्वित हुए हैं। गत वर्ष के सापेक्ष 18 मई तक 177.95 प्रतिशत की खरीद की गई है।