विजयगढ़-गोपी मार्ग पर बिस्तौली, नगला केसिया, सिकतरासानी, नगला बसंत, भिनौली, नगलाखुआ, रानी का नगला, गुदमई, कनकपुर आदि गांव जुड़े हुए हैं। इन गांव के लोगों को सड़क पर निकलने में काफी परेशानियां हो रही है।
विजयगढ़-गोपी सड़क का हाल बुरा है। सड़क को पीडब्ल्यूडी ने बनाया था। आठ-दस महीने में सड़क टूट गई और पहले जैसी थी, वैसी ही हो गई। लोगों को सड़क पर पैदल चलने में भी काफी परेशानी हो रही है। विजयगढ़ से गोपी 12 किलोमीटर है, जिसको मोटरसाइकिल से पहुंचने में एक घंटा से अधिक लग जाता है।
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कोहरे में वाहनों के आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। सड़क पर प्रतिदिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इस ओर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। बताया गया कि विजयगढ़-गोपी मार्ग एक वर्ष पहले बनाया गया था। सड़क बनने के शुरू में क्षेत्र के लोगों ने खराब गुणवत्ता पर विरोध प्रकट किया था। समाजसेवी केएन पाण्डेय, श्यामवीर सिंह यादव, सोमप्रकाश आदि ने सड़क की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
लोगों में सड़क को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि खराब सड़क से कोई भी बड़ी दुर्घटना कभी भी हो सकती है। इस सड़क पर बिस्तौली, नगला केसिया, सिकतरासानी, नगला बसंत, भिनौली, नगलाखुआ, रानी का नगला, गुदमई, कनकपुर आदि गांव जुड़े हुए हैं। इन गांव के लोगों को सड़क पर निकलने में काफी परेशानियां हो रही है। पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ऋतुराज सिंह ने बताया कि सड़क के निर्माण को करीब एक साल हो चुका है। सड़क की दो वर्ष की गारंटी होती है। जिस ठेकेदार ने यह सड़क बनाई है, मौसम साफ होने के बाद सड़क की मरम्मत करेगा।