यह अलीगढ़ का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से हर रोज 20 हजार वाहन गुजरते हैं। लेकिन इस समय इस मार्ग की हालत बेहद खराब है। यूं तो यह हाईवे है लेकिन इस समय इतने गड्ढे हैं कि वाहन हिचकोले लेते हुए चल रहे हैं। इतना जलभराव हुआ कि व्यापारियों से यहां अपने पंप लगाकर पानी की निकासी की। यहां शहर विधायक मुक्ता राजा का आवास है। बरसात में उनके आवास तक पहुंचना भी आसान नहीं। शहर विधायक ने कहा कि सड़क पर गड्ढों को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता कर चुकी है। समस्या का समाधान न होने पर उनसे वार्ता करेंगी।
रामघाट रोड विद्यानगर
सांसद सतीश गौतम का आवास इस कालोनी में है। यहां तो कई बार बगैर बरसात के भी पानी भर जाता है। आए दिन नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और सड़क तालाब बन जाती है। बरसात के दिनों तो सांसद के घर पहुंचना संभव ही नहीं हो पाता।
सराय लवरिया
यह अलीगढ़ शहर की पुरानी बस्ती कही जाती है। महापौर प्रशांत सिंघल का आवास भी इसी इलाके में है। इनके तो घर तक पानी पहुंच जाता है। जबकि महापौर होने के नाते पूरे शहर के विकास की जिम्मेदारी इन्हीं पर है।
पीएसी रोड निवासी संजय कुमार का कहना है कि हमारे शहर के जनप्रतिनिधि अपने मुहल्लों की सड़कें भी नहीं सुधरवा पा रहे हैं । हम तो पिछले कई साल से देख रहे हैं कि बरसात में अलीगढ़ टापू बन जाता है। विकास की बातें ही हो रही हैं हकीकत में कुछ नहीं।
शहर की एक भी सड़क चलने काबिल नहीं
क्वार्सी चुंगी निवासी यज्ञ देव गुप्ता का कहना है कि हमारे शहर के तो जनप्रतिनिधि भी खामोश ही रहते हैं। कई तो ऐसे हैं जो केवल चुनाव के वक्त ही नजर आते हैं। अगर जरा भी प्रयास किया होता तो आज अलीगढ़ की यह तस्वीर न होती।
यहां तो केवल बातें होती हैं, विकास नहीं
एटा चुंगी निवासी हिमांशु गुप्ता का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए वादों को लिखने लगें तो पूरी किताब छप जाएगी। स्मार्ट सिटी के नाम पर पैसा लुटाया जा रहा है। आज सड़क बनती है, सात दिन बाद उखड़ जाती है। है कोई देखने वाला।