आलू पाउडर से विदेशों में बर्गर, कटलेट, पराठे और टिक्की आदि व्यंजन बनाए जा रहे हैं। विदेशों में बनने वाले नमकीन में भी यहां के आलू का स्वाद है। इस्राइल, ब्राजील और इंडोनेशिया सहित पांच देशों में यहां का आलू पाउडर भेजा जा रहा है।
आलू बेल्ट में शामिल अलीगढ़ और हाथरस जनपद में आलू की खेती बड़े रकबे में हो रही है। यहां आलू से नमकीन और चिप्स तो तैयार होते ही हैं अब पाउडर भी तैयार किया जा रहा है। अभी 75 टन आलू का रोज पाउडर बनाया जा रहा है लेकिन कई दूसरे कारोबारी भी इस तरफ बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि 2025 तक पाउडर बनाने वाली तीन और कंपनियां शुरू हो जाएंगी।
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अलीगढ़ में 30245 हेक्टेयर और हाथरस में 50 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती हो रही है। चिप्स बनाने वाली कई नामचीन कंपनियां भी यहां से आलू की खरीद करती हैं। अब धीरे धीरे आलू के पाउडर की मांग बढ़ रही है। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि आलू पाउडर से विदेशों में बर्गर, कटलेट, पराठे और टिक्की आदि व्यंजन बनाए जा रहे हैं। विदेशों में बनने वाले नमकीन में भी यहां के आलू का स्वाद है। इस्राइल, ब्राजील और इंडोनेशिया सहित पांच देशों में यहां का आलू पाउडर भेजा जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2018 में दक्षिण अमेरिका के गुयाना में अलीगढ़ से 29 टन आलू निर्यात किया गया था। यह निर्यात एफपीओ के माध्यम से हुआ था।
पाउडर बनाने वाली कंपनी के स्वामी अतुल ने बताया कि उनकी कंपनी में रोजाना 75 टन आलू का पाउडर बनता है। कोल्ड स्टोर से आने के बाद आलू को छीला जाता है। फिर धोया जाता है। इसके बाद उबालकर उसे पीसा जाता है। बाद में सुखाकर उसका पाउडर बनता है। इस पाउडर को किसी भी व्यंजन में प्रयोग किया जा सकता है। इसकी कीमत 120 से 130 रुपये किलो तक होती है। जिला उद्यान अधिकारी शिवानी ने बताया कि आलू के उत्पाद लगातार बढ़ रहे हैं लिहाजा मांग भी उसी तरह बढ़ रही है।