अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के परिसर में खड़े मिग लड़ाकू विमान के ढांचे को बेचने के लिए किसी ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट कर दिया।
जानकारी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन और पुलिस के आईटी सेल को कर दी है। हालांकि, अब यह पोस्ट सोशल मीडिया साइट से डिलीट कर दी गई है।
दरअसल एएमयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के बाहर एक लड़ाकू विमान का ढांचा खड़ा है। कारगिल युद्ध के बाद प्लेन के स्क्रैप हो जाने पर इसे विश्वविद्यालय भेज दिया गया था, ताकि छात्र लड़ाकू विमान की एयरो डायनामिक्स समझ सकें।
लेकिन शरारती तत्वों ने इसकी फोटो खींचकर सामान खरीदने और बेचने वाली एक सोशल मीडिया साइट पर डाल दिया। इसकी कीमत 9 करोड़ 99 लाख 99 हजार 999 रखी गई थी।
यह मामला जब कुछ लोगों के संज्ञान में आया तो विश्वविद्यालय प्रशासन को जानकारी दी गई। एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली कहते हैं कि शरारती तत्वों ने इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दी है।
इसकी जब जानकारी की गई, तब तक पोस्ट डिलीट कर दी गई। सोशल मीडिया साइट सहित जिला प्रशासन और पुलिस के आईटी सेल को अवगत करा दिया है।
जो भी इस तरह की शरारत का दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस पोस्ट को डालने में विश्वविद्यालय या इंजीनियरिंग कॉलेज की किसी भी विभाग की कोई भूमिका नहीं है।