प्रेमिका की हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस की कवायद और प्रेमिका की मां के मोबाइल ने खासी मदद की। वरना आरोपी खुद भी सुसाइड करने की तैयारी में था, जिस समय उसे दबोचा गया। उसके हाथ में लोड तमंचा था और आत्महत्या करने की तैयारी में था।
पुलिस के अनुसार जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी हत्या के बाद मृत युवती की मां के मोबाइल को ले गया है। इस पर पुलिस ने दिन में युवक के मोबाइल व युवती की मां के मोबाइल की लोकेशन देखने का प्रयास किया। मगर दोनों मोबाइल बंद थे। देर शाम युवक ने शराब पीने के बाद युवती की मां के मोबाइल को ऑन कर लिया। इस नंबर पर जब गांधीपार्क पुलिस ने फोन मिलाया तो घंटी जाने लगी और युवक ने फोन रिसीव भी कर लिया। इस पर पुलिस ने उसे बातों में लगाना शुरू किया और उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करना भी शुरू कर दिया। पुलिस का प्रयास था कि अगर वह बात करता रहेगा तो लोकेशन जानने में आसानी होगी।
इंस्पेक्टर मणिकांत शर्मा उससे बात करते रहे और सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन देखते रहे। इस दौरान वह बातों में यही कह रहा था कि उसने प्रेमिका को तो मार दिया और अब खुद भी जान देने जा रहा है। पुलिस एक घंटे उससे बात करने में उसकी लोकेशन निकालने में सफल रही। वह एक किमी रेडियस में ही था। इस पर पुलिस ने छह टीमें सादा में तैयार कीं। जिनमें खुद सीओ, इंस्पेक्टर के अलावा धनीपुर चौकी इंचार्ज अश्वनी शर्मा, बन्नादेवी थाने से राजेश कुमार अविनाश दुबे आदि थे। कुछ चौपहिया में थे, कुछ दोपहिया में तो कुछ पैदल। सभी ने घेराबंदी कर जब आरोपी को एक खाली प्लाट में पकड़ा तो उसके हाथ में लोड तमंचा मिला। यह देख सभी ने सुकून महसूस किया कि अगर बातों में न उलझाते और कुछ देर हो जाती तो शायद यह अपनी जान ले लेता।