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अनसुलझी घटनाओं में पॉलीग्राफी जांच बन रही सहारा

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जिले के उन ब्लाइंड (अनसुलझे) केसों को सुलझाने में पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है, जिनमें महीनों बीत गए, मगर सुराग नहीं लग रहे। विवेचक पैर पटक-पटक कर परेशान हैं, मगर ऐसी कोई कड़ी नहीं मिल रही, जिनकी मदद से गंभीर आपराधिक घटनाओं का खुलासा किया जा सके। ऐसे प्रकरणों को सुलझाने के लिए अधिकारियों ने पॉलीग्राफी परीक्षण की शुरुआत कराई है। इसकी मदद से केसों की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलती दिखाई दे रही है। जिले में अब तक हत्या के एक केस में पॉलीग्राफी जांच हो चुकी है, जबकि दो केसों में यह जांच कराए जाने की तैयारी है।
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केस 1
छात्र की हत्या में मिली रिपोर्ट, दो संदेह के घेरे में
इगलास के गोरई के पॉलीटेक्निक छात्र हेमंत की 30 जून को घर से गायब होने पर हत्या हुई। अगले दिन उसकी लाश कस्बे के ही एक निजी कॉलेज कैंपस में मिली। इस हत्या में पुलिस के रडार पर उसके दो दोस्तों के अलावा चार अन्य लोग आए। मगर सुराग न होने के कारण पुलिस खुलासा न कर सकी। बाद में एसएसपी के निर्देश पर इस मामले में सभी छह लोगों की पॉलीग्राफी जांच कराई गई। इसके लिए न्यायालय से अनुमति लेकर सीबीआई दिल्ली मुख्यालय की फॉरेंसिक टीम की दो डॉक्टर यहां आईं और सभी की जांच करके गईं। सीबीआई मुख्यालय ने इस पॉलीग्राफी की जांच रिपोर्ट जिला पुलिस और थाने को भेज दी है। अब अधिकारी व विवेचक उसके अध्ययन में लगे हैं। इस पॉलीग्राफी जांच रिपोर्ट में उन दो लोगों पर संदेह है, जो आठ-आठ सवालों में से आखिरी पांच-पांच सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए हैं। पुलिस उन दोनों के विषय में बारीकी से सभी जानकारियां जुटाने के बाद कार्रवाई तय करेगी।
केस 2
अपहरण में एक-दो दिन में आ सकती है सीबीआई टीम
लोधा की युवती के अपहरण में पिता-पुत्र जेल चले गए। मगर आज तक युवती का सुराग नहीं लगा। इसे लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने सीबीआई फॉरेंसिक टीम से पॉलीग्राफी कराना तय किया। इसके लिए चार लोगों की पॉलीग्राफी कराने को न्यायालय से अनुमति ले ली गई है। सीबीआई मुख्यालय यह अनुमति पत्र भेज दिया है। वहां से संकेत मिले हैं कि अगले एक-दो दिन में डॉक्टरों की टीम यहां आएगी और उन चार संदिग्धों की पॉलीग्राफी जांच करेगी, जिनकी अनुमति मिली है।
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केस 3
न्यायालय से मांगी गई हमले के मुकदमे में जांच की अनुमति
छर्रा कस्बे में एक महिला से जुड़े पिछले वर्ष के गोली कांड की विवेचना थाने से हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दी गई है। इसमें भी पुलिस साक्ष्य तलाशते-तलाशते परेशान है। इसलिए इसमें दो लोगों की पॉलीग्राफी जांच कराया जाना तय हुआ है, जिसके लिए न्यायालय से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही सीबीआई टीम को भेजकर इन दोनों की जांच कराई जाएगी।
जिले के कुछ प्रमुख ऐसे मुकदमे चिह्नित किए गए हैं, जिनमें साक्ष्य न होने के कारण खुलासा नहीं हो पा रहा। इन्हीं मुकदमों में पॉलीग्राफी जांच सीबीआई की मदद से कराई जा रही है। अब तक इगलास के गोरई के छात्र की हत्या में हुई पॉलीग्राफी जांच मिली है, जिसके अध्ययन के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं दो केसों में जल्दी पॉलीग्राफी होनी है। आगे जिनमें जरूरत होगी, उनमें कराई जाएगी।
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- मुनिराज जी, एसएसपी
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